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यूजीसी नेट जनवरी 2017 हिंदी प्रश्नपत्र- 3 | nta ugc/net jan 2017 hindi question paper- III

सीबीएससी (cbsc) द्वारा आयोजित यूजीसी नेट (ugc net) परीक्षा हिंदी 3rd, 20 (hindi- 20) का प्रश्नपत्र (paper) यहाँ दिया जा रहा है। यह परीक्षा जनवरी 2017 में आयोजित हुई थी। प्रश्नों का उत्तर जल्द ही उपलब्ध कराया जायेगा। इस question paper को आप नीचे दिए गए लिंक की सहायता से डाउनलोड भी कर सकते हैं।

 

ugc-net-jan-2017-hindi-question-paper-3

प्रश्नपत्र– III

निर्देश: इस प्रश्नपत्र में पचहत्तर (75) बहु-विकल्पीय प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न के दो (2) अंक हैं। सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।

 

1. हुज्वेरी के अनुसार ‘फना’ का अर्थ है:

(1) जीवात्मा के शरीर का नाश।

(2) जीवात्मा का परमात्मा में विलय।

(3) किसी वस्तु की अपूर्णता का ज्ञान और उसे पाने की इच्छा से विरत होना।

(4) व्यक्ति के अस्तित्व, स्वरूप और गुण का विनाश।

 

2. ‘रास पंचाध्यायी’ किस छंद में लिखी गई है?

(1) इन्द्रवजा (2) उपेन्द्रवज्रा

(3) रोला     (4) मालिनी

 

3. ‘मैं नारि अपावन प्रभु जग पावन रावन रिपु जन सुखदाई।

राजीव बिलोचन भव भय मोचन पाहि-पाहि सरनहिं आई।।’

‘रामचरितमानस’ की उक्त चौपाई में व्यक्त विचार किस पात्र के हैं?

(1) अहल्या   (2) शबरी

(3) तारा     (4) मंदोदरी

 

4. राम और सीता के विवाह के अवसर पर किस कवि ने मिथिला की स्त्रियों से ‘गारी गीत’ गवाया है?

(1) तुलसीदास      

(2) स्वामी अग्रदास

(3) केशवदास

(4) प्राणचंद चौहान

 

5. ‘अच्युत-चरन तरंगिनी, शिव-सिर मालति-माल।

हरि न बनायो सुरसरी, कीजो इंदव - भाल।।’

इस दोहे के रचनाकार का नाम है:

(1) रहीम     (2) रसलीन

(3) रसखान   (4) रामसहाय

 

6. निम्नलिखित काव्य कृतियों में से कौन-सी कृति ‘प्रबंधकाव्य’ नहीं है?

(1) चंडीचरित्र       (2) रामचरित

(3) सुजानचरित     (4) सुजानहितप्रबंध

 

7. ‘लिखन बैठि जाकी सबी गहि गहि गरब गरूर।

भए न केते जगत के चतुर चितेरे कूर।।”

इस दोहे में ‘सबी’ शब्द का अर्थ है:

(1) चित्र (नायिका के समान)

(2) काल्पनिक चित्र

(3) आदर्श चित्र

(4) मनोनुकूल चित्र

 

8. ‘गीति संग्रह’ के रचनाकार हैं:

(1) सूरति मिश्र      (2) रसनिधि

(3) रसिक गोविन्द   (4) श्रीपति

 

9, ‘शकुंतला नाटक किसकी रचना है?

(1) जसवंतसिंह      (2) राम

(3) नेवाज          (4) नागरीदास

 

10. ‘सूरसागर’ के पदों का भावानुसरण करते हुए किस कवि ने कृष्ण के जीवन का चित्रण किया है?

(1) ब्रजवासीदास (2) रामचरणदास

(3) मंचित    (4) प्रेमसखी

 

4. निम्नलिखित में से जगन्‍नाथदास ‘रत्नाकर’ की कौन-सी रचना नहीं है?

(1) हिंडोला (2) गंगावतरण

(3) भ्रमरदूत (4) उद्धवशतक

 

12. निम्नलिखित में से कौन-सा काव्य-संग्रह शमशेर बहादुर सिंह का नहीं है?

(1) कुछ कविताएँ

(2) कुछ और कविताएँ

(3) आज अभी आँखों से

(4) काल तुमसे होड़ है मेरी

 

13. कहाँ हो ऐ हमारे प्राण प्यारे। किधर तुम छोड़कर हमको पधारे।।

बुढ़ापे में यह दुख भी देखना था। इसी को देखने को मैं बचा था।।’

ये काव्य पंक्तियाँ किस कवि की हैं?

(1) प्रतापनारायण मिश्र

(2) अम्बिकादत्त व्यास

(3) भारतेन्दु हरिश्चंद्र

(4) उपाध्याय बद्रीनारायण चौधरी

 

14. फिर परियों के बच्चे से हम सुभग सीप के पंख पसार।

समुद्र पैरते शुचि ज्योत्स्ना में पकड़ इंद्र के कर सुकुमार।।

इन काव्य पंक्तियों के रचनाकार हैं:

(1) सुमित्रानंदन पंत

(2) महादेवी वर्मा

(3) सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

(4) जयशंकर प्रसाद

 

15. सब का निचोड़ लेकर तुम

सुख से सूखे जीवन में

बरसो प्रभात हिमकन-सा

आँसू इस विश्व-सदन में।”

उक्त काव्य पंक्तियों के रचयिता हैं:

(1) सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

(2) जयशंकर प्रसाद

(3) महादेवी वर्मा

(4) सुमित्रानंदन पंत

 

16. निम्नलिखित में से कौन-सी रचना सुमित्रानंदन पंत की नहीं है?

(1) युगपथ   (2) अतिमा

(3) उत्तरा     (4) गीतगुंज

 

17. निम्नलिखित में से कौन-सी रचना महादेवी वर्मा की है?

(1) वीणा     (2) गीतिका

(3) निशा     (4) नीरजा

 

18. ‘कहाँ जाऊँ/हर दिशा में/मृत्यु से भी बहुत आगे की/अपरिमित दूरियाँ हैं।’ कविता की ये पंक्तियाँ कुंवर नारायण की किस रचना से हैं?

(1) चक्रव्यूह

(2) अपने सामने

(3) आत्मजयी

(4) परिवेश: हम-तुम

 

19. ‘चौपट चपेट’ और ‘मयंक मंजरी’ नाटकों के लेखक हैं:

(1) किशोरीलाल गोस्वामी

(2) बाबू रामकृष्ण वर्मा

(3) मथुराप्रसाद चौधरी

(4) रूपनारायण पाण्डेय

 

20. डॉ. गोपालराय के अनुसार हिन्दी में ‘नॉवेल’ के अर्थ में उपन्यास पद का प्रथम प्रयोग किसने किया?

(1) भूदेव मुखोपाध्याय

(2) राधाचरण गोस्वामी

(3) महावीरप्रसाद द्विवेदी

(4) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र

 

21. पाण्डेय बेचन शर्मा ‘उग्र द्वारा रचित उपन्यास नहीं है:

(1) चंद हसीनों के खतूत

(2) दिल्‍ली का कलंक

(3) बुधुआ की बेटी

(4) दिल्‍ली का दलाल

 

22. करनट कबीलों के जीवन यथार्थ के विविध पक्षों पर आधारित उपन्यास है:

(1) कोई अजनबी नहीं

(2) नरक कुंड में वास

(3) कब तक पुकारूँ

(4) किस्सा गुलाम

 

23. ‘अरुण और मधूलिका’ किस कहानी के पात्र हैं?

(1) चित्तौड़ का उद्धार (2) अशोक

(3) आकाशदीप      (4) पुरस्कार

 

24. भीष्म साहनी द्वारा रचित कहानी-संग्रह नहीं है:

(1) भाग्यरेखा       (2) वाड़्चू

(3) काठ का सपना (4) निशाचर

 

25. आधुनिक ईरान की पृष्ठभूमि पर रक्त रंजित इस्लामी क्रान्ति का चित्रण किस उपन्यास में किया गया है?

(1) सात नदियां एक समुन्दर

(2) चक्रव्यूह

(3) धूप छाहीं रंग

(4) किस्सा लोकतंत्र

 

26. जैनेन्द्र कुमार द्वारा रचित कहानी-संग्रह नहीं है:

(1) इन्सान के खण्डहर

(2) नीलम देश की राजकन्या

(3) पाजेब

(4) वातायन

 

27. ‘वैदिक सूक्‍तों के गरिमामय उद्गम से लेकर लोकगीतों के महासागर तक जिस अविच्छिन्न प्रवाह की उपलब्धि होती है, उस भारतीय भावधारा का मैं स्नातक हूँ।’

उपर्युक्त विचार विद्यानिवास मिश्र ने अपने किस निबन्ध: संग्रह की भूमिका में लिखे हैं?

(1) देश, धर्म और साहित्य  

(2) पीपल के बहाने

(3) छितवन की छाँह      

(4) शिरीष की याद आई

 

28. अज्ञेय ने ‘शेखर’ के संदर्भ में अपने किस निबन्ध में स्वीकार किया कि “ज्याँ क्रिस्तोफ के अनवरत आत्मशोध और आत्म-साक्षात्कार का जो चित्र ‘रोलॉ’ ने प्रस्तुत किया है, उससे कुछ अवश्य प्रेरणा मिली?”

(1) अद्यतन (2) आत्मनेपद

(3) त्रिशंकु    (4) धार और किनारे

 

29. आज इस पराजय की बेला में

सिद्ध हुआ

झूठी थी सारी अनिवार्यता भविष्य की

केवल कर्म सत्य है

मानव जो करता है, इसी समय

उसी में निहित है भविष्य

युग-युग तक का।’

‘अंधायुग’ नाटक का उक्त संवाद किस अंक से उद्धृत है?

(1)  कौरव नगरी

(2) गांधारी का शाप

(3) प्रभु की मृत्यु

(4) पशु का उदय

 

30. “समझदारी आने पर यौवन चला जाता है, जब तक माला गुँथी जाती है फूल कुम्हला जाते हैं।”

जयशंकर प्रसाद कृत ‘चन्द्रगुप्त’ नाटक का उक्त संवाद किस पात्र द्वारा बोला गया है?

(1) दाण्ड्यायन      (2) चाणक्य

(3) चन्द्रगुप्त       (4) सिंहरण

 

31. ‘काव्यशोभाया: कर्तारो धर्म: गुणा:।’

यह किस आचार्य की उक्ति है?

(1) मम्मट         (2) वामन

(3) आनन्दवर्द्धन    (4) विश्वनाथ

 

32. जहाँ समानार्थक विशेषणों से प्रस्तुत के वर्णन द्वारा अप्रस्तुत का बोध कराया जाय, वहाँ कौन-सा अलंकार होता है?

(1) समासोक्ति      (2) सहोक्ति

(3) विनोक्ति        (4) व्यतिरेक

33. ‘मैं साहित्य को मनुष्य की दृष्टि से देखने का पक्षपाती हूँ।' यह किस आचार्य की उक्ति है?

(1) महावीरप्रसाद द्विवेदी

(2) रामचन्द्र शुक्ल

(3) हलजारीप्रसाद द्विवेदी

(4) नन्ददुलारे वाजपेयी

 

34. निम्नलिखित में से किस आचार्य ने अलंकार को काव्य की आत्मा मानकर रस का महत्त्व गौण कर दिया?

(1) भामह    (2) वामन

(3) विश्वनाथ (4) आनन्दवर्द्धन

 

35. जब वक्रोक्ति वक्ता की कंठ ध्वनि पर आश्रित होती है तब उसे क्‍या कहा जाता है?

(1) सभंग श्लेष वक्रोक्ति

(2) अभंग श्लेष वक्रोक्ति

(3) काकुवक्रोक्ति

(4) प्रहेलिका

 

36. इनमें से कौन-सा ग्रंथ आचार्य भामह का है?

(1) काव्यालंकार     (2) काव्यादर्श

(3) ध्वन्यालोक      (4) साहित्यदर्पण

 

37. स्वाधीनता-प्राप्ति के अवसर पर लिखी गई निम्नलिखित कविता किस कवि की है?

“मुक्त गगन है, मुक्त पवन है, मुक्त साँस गरबीली।

लॉघ सात लॉबी सदियों को हुई श्रृंखला ढीली।

टूटी नहीं कि लगा अभी तक, उपनिवेश का दाग?

बोल तिरंगे, तुझे उड़ाऊँ या कि जगाऊँ आग?”

(1) माखनलाल चतुर्वेदी

(2) रामधारी सिंह दिनकर

(3) बालकृष्ण शर्मा “नवीन!

(4) सोहनलाल द्विवेदी

 

38. निम्नलिखित में से कौन प्रपद्यवादी कवि नहीं है?

(1) नलिन विलोचन शर्मा

(2) केसरी कुमार

(3) नरेश

(4) गिरिजा कुमार माथुर

 

39, “कविता तो कवि की आत्मा का आलोक है, उसके हृदय का रस है, जो बाहर की वस्तु का अवलम्ब लेकर फूट पड़ती है।” यह कथन किसका है?

(1) जयशंकर प्रसाद

(2) नरेश मेहता

(3) रामधारी सिंह दिनकर

(4) कुँवर नारायण

 

40. निम्नलिखित में से कौन-सा नाटक प्रेमचन्द के प्रसिद्ध उपन्यास पर आधारित है?

(1) श्वेत कमल

(2) युगे-युगे क्रान्ति

(3) सूरदास

(4) बंदिनी

 

41. ‘भकक्‍तमाल’ में दिए गए रामानंद के प्रथम चार शिष्यों का सही अनुक्रम है:

(1) सुखानंद, नरहर्यानंद, अनंतानंद, सुरसुरानंद

(2) अनंतानंद, सुखानंद, सुरसुरानंद, नरहर्यानंद

(3) सुरसुरानंद, अनंतानंद, नरहर्यानंद, सुखानंद

(4) सुखानंद, सुरसुरानंद, नरहर्यानंद, अनंतानंद

 

42. आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी के अनुसार निम्नलिखित संप्रदायों का सही अनुक्रम है:

(1) ब्राह्म संप्रदाय, सनकादि संप्रदाय, श्री संप्रदाय, रुद्र संप्रदाय

(2) सनकादि संप्रदाय, ब्राह्म संप्रदाय, रुद्र संप्रदाय, श्री संप्रदाय

(3) श्री संप्रदाय, ब्राह्म संप्रदाय, रुद्र संप्रदाय, सनकादि संप्रदाय

(4) रुद्र संप्रदाय, श्री संप्रदाय, ब्राह्म संप्रदाय, सनकादि संप्रदाय

 

43. कालक्रम की दृष्टि से निम्नलिखित काव्यकृतियों का सही अनुक्रम है:

(1) अंगदर्पण, विरहवारीश, व्यंग्यार्थकौमुदी, मधुरप्रिया

(2) व्यंग्यार्थकौमुदी, अंगदर्पण, मधुरप्रिया, विरहवारीश

(3) विरहवारीश, मधुरप्रिया, अंगदर्पण, व्यंग्यार्थकौमुदी

(4) मधुरप्रिया, अंगदर्पण, व्यंग्यार्थकौमुदी, विरहवारीश

 

44. प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम है:

(।) रश्मिरथी, कनुप्रिया, द्रौपदी, संशय की एक रात

(2) कनुप्रिया, रश्मिरथी, द्रौपदी, संशय की एक रात

(3) रश्मिरथी, कनुप्रिया, संशय की एक रात, द्रौपदी

(4) कनुप्रिया, द्रोपदी, रश्मिरथी, संशय की एक रात

 

45. रचना काल के अनुसार भारतेन्दु हरिश्चंद्र की निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम है:

(1) प्रेमतरंग, सतसई सिंगार, मधु मुकुल, भक्त सर्वस्व

(2) भक्त सर्वस्व, सतसई सिंगार, प्रेमतरंग, मधु मुकुल

(3) भक्त सर्वस्व, प्रेमतरंग, सतसई सिंगार, मधु मुकुल

(4) सतसई सिंगार, भक्त सर्वस्व, प्रेमतरंग, मधु मुकुल

 

46. प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित प्रबंधकाव्यों का सही अनुक्रम है:

(1) उर्वशी, विष्णुप्रिया, आत्मजयी, लोकायतन

(2) आत्मजयी, उर्वशी, लोकायतन, विष्णुप्रिया

(3) विष्णुप्रिया, उर्वशी, लोकायतन, आत्मजयी

(4) लोकायतन, उर्वशी, आत्मजयी, विष्णुप्रिया

 

47. जन्मकाल के अनुसार निम्नलिखित कवियों का सही अनुक्रम है:

(1) राजकमल चौधरी, श्रीकांत वर्मा, केदारनाथ सिंह, धूमिल

(2) श्रीकांत वर्मा, केदारनाथ सिंह, राजकमल चौधरी, धूमिल

(3) केदारनाथ सिंह, राजकमल चौधरी, धूमिल, श्रीकांत वर्मा

(4) धूमिल, श्रीकांत वर्मा, केदारनाथ सिंह, राजकमल चौधरी

 

48. जन्मकाल की दृष्टि से निम्नलिखित निबन्धकारों का सही अनुक्रम है:

(1) बालमुकुन्द गुप्त, श्यामसुन्दर दास, सरदार पूर्णसिंह, गुलाबराय

(2) गुलाबराय, सरदार पूर्णसिंह, श्यामसुन्दर दास, बालमुकुन्द गुप्त

(3) श्यामसुन्दर दास, सरदार पूर्ण सिंह, बालमुकुन्द गुप्त, गुलाबराय

(4) सरदार पूर्णसिंह, श्यामसुन्दर दास, गुलाबराय, बालमुकुन्द गुप्त

 

49. जन्मकाल के अनुसार निम्नलिखित उपन्यासकारों का सही अनुक्रम है:

(1) यशपाल, हजारीप्रसाद द्विवेदी, अज्ञेय, रांगेय राघव

(2) हजारीप्रसाद द्विवेदी, अज्ञेय, रांगेय राघव, यशपाल

(3) अज्ञेय, रांगेय राघव, यशपाल, हजारीप्रसाद द्विवेदी

(4) रांगेय राघव, यशपाल, हजारीप्रसाद द्विवेदी, अज्ञेय

 

50. प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित कहानी संग्रहों का सही अनुक्रम है:

(1) शरणार्थी, ठुमरी, सतह से उठता आदमी, शोभायात्रा

(2) शोभायात्रा, शरणार्थी, ठुमरी, सतह से उठता आदमी

(3) सतह से उठता आदमी, शोभायात्रा, शरणार्थी, ठुमरी

(4) ठमरी, शोभायात्रा, शरणार्थी, सतह से उठता आदमी

 

51. जन्म काल के अनुसार निम्नलिखित नाटककारों का सही अनुक्रम है:

(1) शंकर शेष, मोहन राकेश, भीष्म साहनी, हरिकृष्ण प्रेमी

(2) मोहन राकेश, भीष्म साहनी, शंकर शेष, हरिकृष्ण प्रेमी

(3) भीष्म साहनी, हरिकृष्ण प्रेमी, शंकर शेष, मोहन राकेश

(4) हरिकृष्ण प्रेमी, भीष्म साहनी, मोहन राकेश, शंकर शेष

 

52. प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित निबंध-संग्रहों का सही अनुक्रम है:

(1) मराल, विकलांग श्रद्धा का दौर, अद्यतन, अंगद का पांव

(2) विकलांग श्रद्धा का दौर, अद्यतन, अंगद का पांव, मराल

(3) अंगद का पांव, अद्यतन, विकलांग श्रद्धा का दौर, मराल

(4) अद्यतन, अंगद का पांव, मराल, विकलांग श्रद्धा का दौर

 

53. नाटक के कथानक में कुछ दृश्य सूच्य होते हैं। पाँच प्रकार के इन सूच्य कथानकों का सही अनुक्रम है:

(1) प्रवेशक, अकांस्य, विष्केंभक, चूलिका, अंकावतार

(2) अंकावतार, चूलिका, अकांस्य, विष्केंभक, प्रवेशक

(3) विष्कंभक, प्रवेशक, चूलिका, अकांस्य, अंकावतार

(4) चूलिका, अकांस्य, विष्केंभक, प्रवेशक, अंकावतार

 

54. प्रकाशन वर्ष के अनुसार हजारीप्रसाद द्विवेदी के निम्नलिखित आलोचना ग्रंथों का सही अनुक्रम है:

(1) हिन्दी साहित्य का आदिकाल, मध्यकालीन बोध का स्वरूप, लालित्य मीमांसा, हिन्दी साहित्य की भूमिका

(2) मध्यकालीन बोध का स्वरूप, लालित्य मीमांसा, हिन्दी साहित्य की भूमिका, हिन्दी साहित्य का आदिकाल

(3) लालित्य मीमांसा, हिन्दी साहित्य का आदिकाल, मध्यकालीन बोध का स्वरूप, हिन्दी साहित्य की भूमिका

(4) हिन्दी साहित्य की भूमिका, हिन्दी साहित्य का आदिकाल, लालित्य मीमांसा, मध्यकालीन बोध का स्वरूप

 

55. सुरेन्द्र वर्मा के नाटकों का सही अनुक्रम है:

(1) आठवाँ सर्ग, द्रौपदी, रति का कंगन, एक दूनी एक

(2) द्रौपदी, आठवाँ सर्ग, रति का कंगन, एक दूनी एक

(3) द्रौपदी, आठवाँ सर्ग, एक दूनी एक, रति का कंगन

(4) एक दूनी एक, द्रौपदी, रति का कंगन, आठवाँ सर्ग

 

निर्देश: प्रश्न संख्या 56 से 65 तक के प्रश्नों में दो कथन दिए गए हैं। इनमें से एक स्थापना (Assertion) (A) है और दूसरा तर्क (Reason) (R) है। कोड में दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए।

56. स्थापना (Assertion) (A): जहाँ व्यक्ति जीवन का लोक जीवन में लय हो जाता है, वही भाव की पवित्र भूमि है।

तर्क (Reason) (R): इसीलिए कविता में विश्व हृदय का यह आभास कविता की यथार्थवादी अवस्था है।

कोड:

(1) (A) सही (R) सही

(2) (A) गलत (R) गलत

(3) (A) गलत (R) सही

(4) (A)  सही (R) गलत

 

57. स्थापना (Assertion) (A): काव्य का आनन्द लोकोत्तर और अनिर्वचनीय होता है।

तर्क (Reason) (R): क्योंकि रस को ब्रह्मानन्द का समानार्थी कहा गया है।

कोड:

(1) (A) सही (R) सही

(2) (A) सही (R) गलत

(3) (A) गलत (R) सही

(4) (A) गलत (R) गलत

 

58. स्थापना (Assertion) (A): रस ज्ञान द्वारा ग्राह्य होता है।

तर्क (Reason) (R): क्योंकि हृदय की अनुभूति के साथ उसकी बौद्धिक सत्ता भी होती है।

कोड:

(1) (A) गलत (R) सही

(2) (A) सही (R) गलत

(3) (A) गलत (R) गलत

(4) (A) सही (R) सही

 

59. स्थापना (Assertion) (A): छायावादोत्तर कविता विचार-प्रधान काव्य है।

तर्क (Reason) (R): क्योंकि उसमें कवि के निजी संवेदनानुभवों को अभिव्यक्त होने का अवसर नहीं मिला।

कोड:

(1) (A) गलत (R) गलत

(2) (A)  सही (R) गलत

(3) (A) गलत (R) सही

(4) (A) सही (R) सही

60. स्थापना (Assertion) (A): कला माध्यम के द्वारा कलाकार सत्य को सुन्दर बनाकर निजत्व की उपलब्धि करता है।

तर्क (Reason) (R): क्योंकि सत्य कलाकार की संचित पूँजी होती है, सौन्दर्य-सृजन उसका व्यापार और लोकमंगल का प्रसार उसकी उपलब्धि।

कोड:

(1) (A) सही (R) सही

(2) (A) गलत (R) गलत

(3) (A) गलत (R) सही

(4) (A) सही (R) गलत

 

61.स्थापना (Assertion) (A): काव्य-सौन्दर्य भाव और कला की एकान्विति में है।

तर्क (Reason) (R): क्‍योंकि काव्य में भाव पक्ष और कला पक्ष दोनों असम्बद्ध होते हैं।

कोड:

(1) (A) सही (R) गलत

(2) (A) गलत (R) सही

(3) (A) गलत (R) गलत

(4) (A) सही (R) सही

 

62. स्थापना (Assertion) (A): मिथक मनुष्य के आदिम मस्तिष्क की सृजनशील शक्तियों का मूल्यवान सांस्कृतिक उपहार है।

तर्क (Reason) (R): क्योंकि आदिम मन और मस्तिष्क द्वारा प्रकृति के तत्त्तों और घटनाओं के मानवीकरण की अचेतन प्रक्रिया ही मिथक रचना का मूल बनी।

कोड:

(1) (A) सही (R) सही

(2) (A) गलत (R) सही

(3) (A) गलत (R) गलत

(4) (A) सही (R) गलत

 

63. स्थापना (Assertion) (A): कविता में श्रृंगार-चित्रण अनिवार्य है।

तर्क (Reason) (R): क्‍योंकि श्रृंगार की सरस वाग्धारा ही पाठक को आनन्दित कर सकती है, अन्य भावधारा नहीं।

कोड:

(1) (A) सही (R) गलत

(2) (A) गलत (R) सही

(3) (A) सही (R) सही

(4) (A) गलत (R) गलत

 

64. स्थापना (Assertion) (A): कविता एक अलौकिक और आध्यात्मिक प्रक्रिया है।

तर्क ((Reason) (R): इसीलिए जीवन का लौकिक-पक्ष उसमें नहीं आ सकता।

कोड:

(1) (A) सही (R) सही

(2) (A) गलत (R) सही

(3) (A) गलत (R) गलत

(4) (A) सही (R) गलत

 

65. स्थापना (Assertion) (A): छायावादी काव्य आत्मनिष्ठता के कारण अहंवादी बन गया।

तर्क (Reason) (R): इसी कारण छायावादी कवियों ने सामाजिक नैतिकताओं की उपेक्षा की।

कोड:

(1) (A) गलत (R) सही

(2) (A) सही (R) सही

(3) (A) गलत (R) गलत

(4) (A) सही (R) गलत

 

66. निम्नलिखित काव्य पंक्तियों को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए:

सूची- I

सूची- II

(a) जेहि पंखी के नियर होइ, करै बिरह कै बात।

सोई पंखी जाइ जरि, तरिवर होइ निपात।।

(i) तुलसीदास

(b) हमको सपनेहू में सोच।

जा दिन तें बिछुरे नंदनंदन ता दिन ते यह पोच।

(ii) नंददास

(c) अब जीवन की है कपि आस न कोय।

कनगुरिया की मुदरी कंगना होय।।

(iii) सूरदास

(d) जिभिया ऐसी बावरी कहि गई सरग-पताल।

आपुहिं कहि भीतर रही, जूती खात कपाल।।

(iv) जायसी

 

(v) रहीम

 

कोड:

 

(a)

(b)

(c)

(d)

(1)

(iv)  

(iii)  

(i) 

(v)

(2)

(v)  

(iv)  

(ii)  

(i)

(3)

(iii)  

(v)  

(iv) 

(ii)

(4)

(ii)

(i)

(iii)

(iv)

 

67. निम्नलिखित पात्रों को उनकी रचनाओं के साथ सुमेलित कीजिए:

सूची- I

सूची- II

(a) मैना

(i) मृगावती

(b) ऋतुवर्ण

(ii) चांदायन

(c) रुक्‍मिणी

(iii) सत्यवती कथा

(d) राघवचेतन

(iv) पद्मावत

 

(v) हंसजवाहिर

 

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(iv)

 

68. निम्नलिखित कविताओं को उनके रचयिताओं के साथ सुमेलित कीजिए:

सूची- I

सूची- II

(a) इशारे जिंदगी के

(i) सर्वेश्वर दयाल सक्सेना

(b) बूंद टपकी एक नभ से

(ii) अज्ञेय

(c) चार ईमानदार

(iii) भवानीप्रसाद मिश्र

(d) मेरा प्रतिनिधि

(iv) कुँवर नारायण

 

(v) रघुवीर सहाय

 

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69. निम्नलिखित रचनाओं को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए:

सूची- I

सूची- II

(a) प्रेमपथिक

(i) सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

(b) गीतिका

(ii) महादेवी वर्मा

(c) सांध्यगीत

(iii) सुमित्रानंदन पंत

(d) गुंजन

(iv) मैथिलीशरण ‘गुप्त’

 

(v) जयशंकर प्रसाद

 

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70. निम्नलिखित कहानियों को उनके केन्द्रीय विचारों से सुमेलित कीजिए:

सूची- I

सूची- II

(a) पूस की रात

(i) न्यायप्रियता

(b) शतरंज के खिलाड़ी

(ii) ऋण की समस्या

(c) ठाकुर का कुआँ

(iii) जाति भेद

(d) पंच परमेश्वर

(iv) राष्ट्रीय चेतना

 

(v) अनमेल विवाह

 

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71. निम्नलिखित पात्रों को उनके उपन्यासों के साथ सुमेलित कीजिए:

सूची- I

सूची- II

(a) सेल्मा

(i) यह पथ बंधु था

(b) निर्गुनिया

(ii) सूरज का सातवाँ घोड़ा

(c) माणिक मुल्ला

(iii) अपने अपने अजनबी

(d) सरस्वती

(iv) नाच्यौ बहुत गोपाल

 

(v) कितने चौराहे

 

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72. निम्नलिखित एकांकी नाटकों को उनके नाटककारों के साथ सुमेलित कीजिए:

सूची- I

सूची- II

(a) रेशमी टाई

(i)  उदयशंकर भट्ट

(b) लाटरी

(ii) भुवनेश्वर प्रसाद

(c) पर्द के पीछे

(iii) उपेन्द्रनाथ अश्क

(d) रीढ़ को हड्डी

(iv) रामकुमार वर्मा

 

(v) जगदीश चन्द्र माथुर

 

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73. निम्नलिखित पात्रों को उनकी कहानियों के साथ सुमेलित कीजिए:

सूची- I

सूची- II

(a) चंपा-बुद्धगुप्त

(i) नमक का दारोगा

(b) अलोपोदीन-वंशीधर

(ii) ठेस

(c) सिरचन-मानू

(iii) हार की जीत

(d) बाबा भारती-खडगर्सिंह

(iv) आकाश दीप

 

(v) ताई

 

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74. निम्नलिखित सिद्धांतों को उनके सिद्धांतकारों से सुमेलित कीजिए:

सूची- I

सूची- II

(a) वक्रोक्ति सिद्धांत

(i)  क्षेमेन्द्र

(b) रीति सिद्धांत

(ii) आनन्‍दवर्द्धन

(c) औचित्य सिद्धांत

(iii) कुन्तक

(d) ध्वनि सिद्धांत

(iv) वामन

 

(v) भरत

 

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75. जयशंकर प्रसाद के नाट्यगीतों को व गाने वाले पात्रों से सुमेलित कीजिए:

सूची- I

सूची- II

(a) “अरुण यह मधुमय देश हमारा....”

(i) मालविका

(b) “हिमाद्वि तुंग श्रृंग से प्रबुद्ध शुद्ध भारती...”

(ii) देवसेना

(c) “तुम कनक किरण के अन्तराल में लुप-छिपकर चलते हो क्‍यों...”

(iii) कार्नलिया

(d) “आह वेदना मिली विदाई...”

(iv) अलका

 

(v) राक्षस

 

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