--> अंतिम वर्ष के छात्रों को भी परीक्षा से मिली छूट: यूजीसी - हिंदी सारंग
Home कैम्पस / exams / ugc

अंतिम वर्ष के छात्रों को भी परीक्षा से मिली छूट: यूजीसी

अंतिम वर्ष के छात्रों को भी परीक्षा से मिली छूट

देश भर के उच्च शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों में कोरोना के चलते यूजीसी द्वारा अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए परीक्षा से छूट दिया गया है और अब उनका मूल्यांकन आंतरिक एवं पिछले वर्ष के आधार पर किया जाएगा।

no-exams-for-final-year-students-ugc
अंतिम वर्ष के छात्रों को भी परीक्षा से मिली छूट: यूजीसी

दरअसल इससे पहले बहुत सारे विश्वविद्यालय ऑनलाइन परीक्षा कराने की तैयारी में जुटे थे। दिल्ली विश्वविद्यालय में समय सारणी की घोषणा भी हो चुकी थी। लेकिन विश्वविद्यालय के कई संगठन और शिक्षक इस परीक्षा का विरोध इस आधार पर कर रहे थे कि इससे बहुत सारे विद्यार्थी प्रभावित होंगे। कई के पास संसाधन नहीं है तो कई को नेटवर्क की समस्या से जूझना पड़ेगा। क्योंकि कोविद- 19 के चलते लॉक डाउन देशभर में लगा दिया गया था, जिसकी वजह से बहुत सारे छात्र अपने गाँव चले गए हैं। गाँवों की स्थिति अभी भी ऐसी नहीं है कि वहाँ बेहतर लाइट और नेटवर्क की सुविधा मिल सके। कई राज्य भी परीक्षा कराने के पक्ष में नहीं थे और उनका विरोध कर रहे थे।

 

कोरोना संक्रमण के चलते सरकार ने हरियाणा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरसी कुहाड़ की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की है, जो एक हप्ते के अंदर अपना रिपोर्ट सौंपेगी। यूजीसी इसी हप्ते अंतिम वर्ष के छात्रों एवं 2020 वर्ष के दाखिले के लिए नई गाइडलाइंस घोषित करेगी।

 

ugc & mhrd की 29 अप्रैल वाली गाइडलाइंस में भी यह प्रावधान था कि यदि कोरोना का प्रसार नहीं रुकता तो अंतिम वर्ष की परीक्षाएं नहीं ली जाएंगी। प्रथम और द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं पहले ही न करने की घोषणा हो चुकी है, इन छात्रों का मूल्यांकन आंतरिक एवं पिछले सेमेस्टर के आधार पर ही होगा।

क्या कोरोना के बाद एग्जाम दिया जा सकता है?

अंतिम वर्ष के छात्रों को यदि लगता है कि उनके अंक या ग्रेड आंतरिक मूल्यांकन और पूर्व-सेमेस्टर के आधार पर परिणाम में कम हैं, तो वे अपने विश्वविद्यालय में जा सकते हैं और कोरोना की स्थिति अच्छी होने पर लिखित परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। जिसके बाद उनकी परीक्षा होगी, और उनकी डिग्री और मॉक-शीट को संशोधित किया जाएगा।

नया सेमेस्टर अक्टूबर तक बढ़ाया जा सकता है।

यूजीसी ने अगस्त में पुराने छात्रों और नए सत्र में नामंकन के लिए एक दिशानिर्देश जारी किया था। इसमें नया सत्र अगस्त या सितंबर में शुरुआत करने का प्रावधान था। अब यह गाइडलाइन भी बदलेगी। अब देश में कोरोना की स्थिति को देखते हुए इस पर फिर से निर्णय लिया जाएगा। इसके आधार पर फिर से एक नई गाइडलाइन आएगी। ऐसी संभावना है कि नया सत्र अक्टूबर से चल सकता है।

छात्र-छात्राओं की प्रतिक्रिया

एक तरफ जहाँ बहुत सारे विद्यार्थी खुश हैं वहीं बहुत सारे दुखी भी हैं, क्योंकि बहुत से छात्र परीक्षा के लिए तैयार थे, कुछ बार-बार गाइडलाइन में परिवर्तन से भी कुछ छात्र दुखी दिखे। वहीं छात्रों का एक वर्ग ऐसा भी है जिसका पिछले वर्ष के अंक या ग्रेड कुछ विषयों में कम हैं, वे फिर से परीक्षा देकर अपने मार्क्स बढ़ाना चाहते थे। अब उनके मार्क्स नहीं बढ़ पाएंगे, बल्कि इस वर्ष के अंक भी कम हो जाएँगे। इस स्थिति में वे कोरोना के बाद परीक्षा देकर अपने अंक या ग्रेड बढ़ा सकते हैं।

अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं का क्या होगा?

दूसरी परीक्षाओं के संदर्भ में mhrd और ugc ने अभी कोई घोषणा नहीं की है। nta द्वारा आयोजित ugc net जैसी कई परीक्षाएं अभी पेंडिग में है। उम्मीद है उसके बारे में भी जल्द ही घोषणा की जाएगी।

यह भी पढ़ें :

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

hindisarang.com पर आपका स्वागत है! जल्द से जल्द आपका जबाब देने की कोशिश रहेगी।

to Top