--> NTA UGC NET द्वारा नाटकों से संबंधित अनुक्रम पर आधारित पूछे गए प्रश्न | UGC NET Hindi Quiz- 11 - हिंदी सारंग
Home प्रश्नपत्र / यूजीसी नेट / hindi quiz / net / nta ugc / Question Paper

NTA UGC NET द्वारा नाटकों से संबंधित अनुक्रम पर आधारित पूछे गए प्रश्न | UGC NET Hindi Quiz- 11

यूजीसी नेट हिंदी old question paper

दोस्तों यूजीसी नेट जेआरएफ हिंदी की परीक्षा में क्रम आधारित प्रश्नों का ग्यारहवां भाग दिया जा रहा है। यहाँ पर 2004 से लेकर 2019 तक के ugc net हिंदी के प्रश्नपत्रों में नाटककारों के नाटकों से अनुक्रम संबंधित पूछे गए प्रश्नों को एक साथ दिया जा रहा है। ठीक उसी तरह जैसे कथाकारों के उपन्यासों और कहानियों तथा निबंधों से संबंधित अनुक्रम आधारित प्रश्न दिए गए थे।

ugc-net-hindi-old-question-paper-quiz-11
UGC NET Hindi Quiz- 11

इन प्रश्नों को हल करने के बाद आप पाएंगे कि nat ugc net hindi में बहुत सारे नाटक घुमा-फिराकर बार-बार पूछे जाते हैं। इन प्रश्नों का दो-तीन बार यदि आप अभ्यास कर लेते हैं तो इन नाटककारों के नाटक संबंधी अनुक्रम आधारित प्रश्न आपके गलत नहीं होंगे, ज्यादा संभावना यही है की इन्हीं नाटककारों के नाटकों को ही दुबारा पूछा जाए। ugc के अलावा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं- uphesc, rpsc, hpsc, dsssb, tgt, pgt आदि के लिए भी ये प्रश्न महत्वपूर्ण हैं।

यूजीसी नेट द्वारा 2004 से अब तक पूछे गए प्रश्न

1. रचनाकाल के अनुसार भारतेंदु के नाटकों का सही क्रम है: (जून, 2014, II)

(A) नीलदेवी, अंधेर नगरी, भारत दुर्दशा, सती प्रताप

(B) सती प्रताप, नीलदेवी, भारत दुर्दशा, अंधेर नगरी

(C) अंधेर नगरी, भारत दुर्दशा, नीलदेवी, सती प्रताप

(D) भारत दुर्दशा, नीलदेवी, अंधेर नगरी, सती प्रताप ✅

अनुक्रम-

1. भारत दुर्दशा- 1980 ई.

2. नीलदेवी- 1881 ई.

3. अंधेर नगरी- 1881 ई.

4. सती प्रताप- 1883 ई.

 

2. कौन-सा अनुक्रम सही है? (दिसम्बर, 2008, II)

(A) प्रायश्चित, चंद्रगुप्त, धुवस्वामिनी, सज्जन

(B) चंद्रगुप्त, ध्रुवस्वामिनी, सज्जन, प्रायश्चित

(C) सज्जन, प्रायश्चित, चंद्रगुप्त, ध्रुवस्वामिनी 

(D) ध्रुवस्वामिनी, चंद्रगुप्त, सज्जन, प्रायश्चित

प्रसाद के नाटकों का अनुक्रम-

1. सज्जन- 1910 ई.

2. प्रायश्चित- 1913 ई.

3. चंद्रगुप्त- 1931 ई.

4. ध्रुवस्वामिनी- 1933 ई.

 

3. रचनाकाल के आधार पर प्रसाद के निम्नलिखित नाटकों का सही अनुक्रम है: (दिसम्बर, 2012, III)

(A) चंद्रगुप्त, अजातशत्रु, राज्यश्री, ध्रुवस्वामिनी

(B) अजातशत्रु, राज्यश्री, चंद्रगुप्त, ध्रुवस्वामिनी

(C) राज्यश्री, अजातशत्रु, चंद्रगुप्त, ध्रुवस्वामिनी 

(D) अजातशत्रु, राज्यश्री, ध्रुवस्वामिनी, चंद्रगुप्त

अनुक्रम-

1. राज्यश्री- 1915 ई.

2. अजातशत्रु- 1922 ई.

3. चंद्रगुप्त- 1931 ई.

4. ध्रुवस्वामिनी- 1933 ई.

 

4. प्रसाद के नाटकों का सही अनुक्रम कौन-सा है? (जून, 2013, II)

(A) विशाख, अजातशत्रु, स्कंदगुप्त, राज्यश्री

(B) अजातशत्रु, स्कंदगुप्त, राज्यश्री, विशाख

(C) राज्यश्री, विशाख, अजातशत्रु, स्कंदगुप्त 

(D) स्कंदगुप्त, राज्यश्री, विशाख, अजातशत्रु

अनुक्रम-

1. राज्यश्री- 1915 ई.

2. विशाख- 1921 ई.

3. अजातशत्रु- 1922 ई.

4. स्कंदगुप्त- 1928 ई.

 

5. प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से प्रसाद के नाटकों का सही अनुक्रम है: (नवम्बर, 2017, II)

(A) सज्जन, विशाख, जनमेजय का नागयज्ञ, ध्रुवस्वामिनी 

(B) विशाख, ध्रुवस्वामिनी, सज्जन, जनमेजय का नागयज्ञ

(C) जनमेजय का नागयज्ञ, सज्जन, ध्रुवस्वामिनी, विशाख

(D) ध्रुवस्वामिनी, जनमेजय का नागयज्ञ, सज्जन, विशाख

अनुक्रम-

1. सज्जन- 1910 ई.

2. विशाख- 1921 ई.

3. जनमेजय का नागयज्ञ- 1926 ई.

4. ध्रुवस्वामिनी- 1933 ई.

 

6. कालक्रम की दृष्टि से लक्ष्मीनारायण लाल के नाटकों का सही अनुक्रम क्‍या है? (दिसम्बर, 2007, II)

(A) कलंकी, बलराम की तीर्थयात्रा, अंधा कुंआ, मादा कैक्टस

(B) मादा कैक्टस, अंधा कुंआ, बलराम की तीर्थयात्रा, कलंकी

(C) कलंकी, मादा कैक्टस, अंधा कुंआ, बलराम की तीर्थयात्रा

(D) अंधा कुंआ, मादा कैक्टस, कलंकी, बलराम की तीर्थयात्रा 

अनुक्रम-

1. अंधा कुंआ- 1955 ई.

2. मादा कैक्टस- 1959 ई.

3. कलंकी- 1969 ई.

4. बलराम की तीर्थयात्रा- 1983 ई.

 

7. प्रकाशन के अनुसार इन नाटकों का सही अनुक्रम है: (दिसम्बर, 2013, III)

(A) सूखा सरोवर, मिस्टर अभिमन्यु, कर्फ्यू, मादा कैक्टस

(B) मिस्टर अभिमन्यु, कर्फ्यू, मादा कैक्टस, सूखा सरोवर

(C) मादा कैक्टस, सूखा सरोवर, मिस्टर अभिमन्यु, कर्फ्यू 

(D) कर्फ्यू, मादा कैक्टस, सूखा सरोवर, मिस्टर अभिमन्यु

लक्ष्मीनारायण लाल नाटकों का अनुक्रम-

1. मादा कैक्टस- 1959 ई.

2. सूखा सरोवर- 1960 ई.

3. मिस्टर अभिमन्यु- 1971 ई.

4. कर्फ्यू- 1972 ई.

 

8. प्रकाशन वर्ष के अनुसार लक्ष्मीनारायण लाल के नाटकों का सही अनुक्रम है: (दिसम्बर, 206, III)

(A) दर्पन, मिस्टर अभिमन्यु, एक सत्य हरीशचंद्र, मादा कैक्टस

(B) मादा कैक्टस, दर्पन, मिस्टर अभिमन्यु, एक सत्य हरीशचंद्र 

(C) मिस्टर अभिमन्यु, एक सत्य हरीशचंद्र, मादा कैक्टस, दर्पन

(D) एक सत्य हरीशचंद्र, मादा कैक्टस, दर्पन, मिस्टर अभिमन्यु

अनुक्रम-

1. मादा कैक्टस- 1959 ई.

2. दर्पन- 1962 ई.

3. मिस्टर अभिमन्यु- 1971 ई.

4. एक सत्य हरीशचंद्र- 1976 ई.

 

9. कालक्रम की दृष्टि से निम्नलिखित नाटकों का सही अनुक्रम क्या है? (दिसम्बर, 2005, II)

(A) आषाढ़ का एक दिन, लहरों के राजहंस, आधे अधूरे, पैर तले की जमीन 

(B) आषाढ़ का एक दिन, आधे अधूरे, पैर तले की जमीन, लहरों के राजहंस

(C) आधे अधूरे, लहरों के राजहंस, पैर तले की जमीन, आषाढ़ का एक दिन

(D) पैर तले की जमीन, आषाढ़ का एक दिन, लहरों के राजहंस, आधे अधूरे

मोहन राकेश के नाटकों का अनुक्रम-

1. आषाढ़ का एक दिन- 1958 ई.

2. लहरों के राजहंस- 1963 ई.

3. आधे अधूरे- 1969 ई.

4. पैर तले की जमीन-

 

10. विष्णु प्रभाकर के नाटकों का प्रकाशन वर्ष के अनुसार सही अनुक्रम है: (दिसम्बर, 2014, III)

(A) युगे युगे क्रांति, सत्ता के आर-पार, डाक्टर, टूटते परिवेश

(B) टूटते परिवेश, डाक्टर, सत्ता के आर-पार, युगे युगे क्रांति

(C) सत्ता के आर-पार, टूटते परिवेश, युगे युगे क्रांति, डाक्टर

(D) डाक्टर, युगे युगे क्रांति, टूटते परिवेश, सत्ता के आर-पार 

अनुक्रम-

1. डाक्टर- 1958 ई.

2. युगे युगे क्रांति- 1969 ई.

3. टूटते परिवेश- 1974 ई.

4. सत्ता के आर-पार- 1981 ई.

 

11. रचनाकाल की दृष्टि से सुरेन्द्र वर्मा के निम्नलिखित नाटकों का सही अनुक्रम बताइये: (जून, 2012, III)

(A) छोटे सैयद बड़े सैयद, द्रौपदी, आठवाँ सर्ग, शकुंतला की अंगूठी

(B) शकुंतला की अंगूठी, द्रौपदी, आठवाँ सर्ग, छोटे सैयद बड़े सैयद

(C) द्रौपदी, आठवाँ सर्ग, छोटे सैयद बड़े सैयद, शकुंतला की अंगूठी 

(D) आठवाँ सर्ग, द्रौपदी, छोटे सैयद बड़े सैयद, शकुंतला की अंगूठी

अनुक्रम-

1. द्रौपदी- 1972 ई.

2. आठवाँ सर्ग- 1976 ई.

3. छोटे सैयद बड़े सैयद- 1982 ई.

4. शकुंतला की अंगूठी- 1990 ई.

 

12. सुरेन्द्र वर्मा के नाटकों का सही अनुक्रम है: (जून, 2017, III)

(A) आठवाँ सर्ग, द्रौपदी, रति का कंगन, एक दूनी एक

(B) द्रौपदी, आठवाँ सर्ग, रति का कंगन, एक दूनी एक

(C) द्रौपदी, आठवाँ सर्ग, एक दूनी एक, रति का कंगन 

(D) एक दूनी एक, द्रौपदी, रति का कंगन, आठवाँ सर्ग

अनुक्रम-

1. द्रौपदी- 1972 ई.

2. आठवाँ सर्ग- 1976 ई.

3. एक दूनी एक- 1987 ई.

4. रति का कंगन- 2010 ई.

 

13. प्रकाशन वर्ष के अनुसार सुरेन्द्र वर्मा के नाटकों का सही अनुक्रम है: (जून, 2018, II)

(A) सेतुबंध, एक दूनी एक, आठवाँ सर्ग, रति का कंगन

(B) आठवाँ सर्ग, सेतुबंध, रति का कंगन, एक दूनी एक

(C) सेतुबंध, आठवाँ सर्ग, एक दूनी एक, रति का कंगन 

(D) आठवाँ सर्ग, सेतुबंध, एक दूनी एक, रति का कंगन

अनुक्रम-

1. सेतुबंध- 1972 ई.

2. आठवाँ सर्ग- 1976 ई.

3. एक दूनी एक- 1987 ई.

4. रति का कंगन- 2010 ई.

 

14. प्रकाशनकाल की दृष्टि से सुरेन्द्र वर्मा के नाटकों का सही अनुक्रम क्या है? (जून, 2019, II)

(A) द्रौपदी, रति का कंगन, आठवाँ सर्ग, शकुन्तला की अंगूठी

(B) आठवाँ सर्ग, शकुन्तला की अंगूठी, द्रौपदी, रति का कंगन

(C) द्रौपदी, आठवाँ सर्ग, शकुन्तला की अंगूठी, रति का कंगन 

(D) शकुन्तला की अंगूठी, द्रौपदी, आठवाँ सर्ग, रति का कंगन

अनुक्रम-

1. द्रौपदी- 1972 ई.

2. आठवाँ सर्ग- 1976 ई.

3. शकुन्तला की अंगूठी- 1990 ई.

4. रति का कंगन- 2010 ई.

 

15. प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से भीष्म साहनी के नाटकों का सही अनुक्रम है: (दिसम्बर, 2014, III)

(A) माधवी, मुआवजे, आलमगीर, हानूश

(B) हानूश, माधवी, मुआवजे, आलमगीर 

(C) मुआवजे, हानूश, आलमगीर, माधवी

(D) आलमगीर, माधवी, हानूश, मुआवजे

अनुक्रम-

1. हानूश- 1977 ई.

2. माधवी- 1985 ई.

3. मुआवजे- 1993 ई.

4. आलमगीर- 1999 ई.

 

16. प्रकाशन काल के आधार पर भीष्म साहनी के नाटकों का सही अनुक्रम है: (दिसम्बर, 2015, II)

(A) हानूश, माधवी, मुआवजे, आलमगीर 

(B) माधवी, आलमगीर, हानूश, मुआवजे

(C) हानूश, मुआवजे, आलमगीर, माधवी

(D) मुआवजे, हानूश, माधवी, आलमगीर

अनुक्रम-

1. हानूश- 1977 ई.

2. माधवी- 1985 ई.

3. मुआवजे- 1993 ई.

4. आलमगीर- 1999 ई.

 

17. प्रकाशन वर्ष के अनुसार भीष्म साहनी के नाटकों का सही अनुक्रम है: (जून, 2016, III)

(A) कबिरा खड़ा बजार में, हानूश, आलमगीर, माधवी

(B) हानूश, कबिरा खड़ा बजार में, माधवी, आलमगीर 

(C) हानूश, माधवी, कबिरा खड़ा बजार में, आलमगीर

(D) माधवी, कबिरा खड़ा बजार में, आलमगीर, हानूश

अनुक्रम-

1. हानूश- 1977 ई.

2. कबिरा खड़ा बजार में- 1981 ई.

3. माधवी- 1985 ई.

4. आलमगीर- 1999 ई.

 

18. प्रकाशन काल की दृष्टि से भीष्म साहनी के नाटकों का सही अनुक्रम है: (दिसम्बर, 2019, II)

(A) हानूश, माधवी, रंग दे बसंती चोला, आलमगीर 

(B) माधवी, हानूश, रंग दे बसंती चोला, आलमगीर

(C) रंग दे बसंती चोला, आलमगीर, हानूश, माधवी

(D) आलमगीर, हानूश, रंग दे बसंती चोला, माधवी

अनुक्रम-

1. हानूश- 1977 ई.

2. माधवी- 1985 ई.

2. रंग दे बसंती चोला- 1998 ई.

4. आलमगीर- 1999 ई.

 

19. रचनाकाल की दृष्टि से निम्नलिखित नाट्य रचनाओं का सही अनुक्रम है: (दिसम्बर, 2013, III)

(A) अंधेर नगरी, ध्रुवस्वामिनी, रक्षाबंधन, नहुष

(B) नहुष, अंधेर नगरी, ध्रुवस्वामिनी, रक्षाबंधन 

(C) ध्रुवस्वामिनी, रक्षाबंधन, नहुष, अंधेर नगरी

(D) रक्षाबंधन, नहुष, अंधेर नगरी, ध्रुवस्वामिनी

अनुक्रम-

1. नहुष (गिरधर दास)- 1859 ई.

2. अंधेर नगरी (भारतेंदु)- 1881 ई.

3. ध्रुवस्वामिनी (जयशंकर प्रसाद)- 1933 ई.

4. रक्षाबंधन (हरिकृष्ण प्रेमी)- 1934 ई.

 

20. निम्नलिखित रचनाओं का कालक्रमानुसार सही अनुक्रम कौन-सा है? (जून, 2005, II)

(A) अंधेर नगरी, अंधायुग, संसद से सड़क तक, मगध 

(B) संसद से सड़क तक, अंधेर नगरी, अंधायुग, मगध

(C) मगध, अंधेर नगरी, अंधायुग, संसद से सड़क तक

(D) अंधायुग, अंधेर नगरी, मगध, संसद से सड़क तक

अनुक्रम-

1. अंधेर नगरी (भारतेंदु)- 1881 ई.

2. अंधायुग (धर्मवीर भारती)- 1955 ई.

3. संसद से सड़क तक (धूमिल)- 1972 ई.

4. मगध (श्रीकांत वर्मा)- 1984 ई.

 

21. निम्नलिखित नाटकों का सही अनुक्रम क्‍या है? (जून, 2006, II)

(A) राम की लड़ाई, ध्रुवस्वामिनी, आधे-अधूरे, विद्या सुन्दर

(B) ध्रुव स्वामिनी, आधे-अधूरे, राम की लड़ाई, विद्या सुन्दर

(C) विद्या सुन्दर, राम को लड़ाई, आधे-अधूरे, ध्रुवस्वामिनी

(D) विद्या सुन्दर, ध्रुवस्वामिनी, आधे-अधूरे, राम की लड़ाई 

अनुक्रम-

1. विद्या सुन्दर (भरतेंदु हरिश्चंद्र)- 1868 ई.

2. ध्रुवस्वामिनी (जयशंकर प्रसाद)- 1933 ई.

3. आधे-अधूरे (मोहन राकेश)- 1969 ई.

4. राम की लड़ाई (लक्ष्मी नारायण लाल)- 1979 ई.

 

22. निम्नलिखित नाटकों का रचनाकाल के अनुसार सही अनुक्रम रेखांकित कीजिए: (जून, 2009, II)

(A) अंधायुग, प्रायश्चित, कोर्ट मार्शल, भारत दुर्दशा

(B) भारत दुर्दशा, प्रायश्चित, कोर्ट मार्शल, अंधायुग

(C) अंधायुग, भारत दुर्दशा, प्रायश्चित, कोर्ट मार्शल

(D) भारत दुर्दशा, प्रायश्चित, अंधायुग, कोर्ट मार्शल 

अनुक्रम-

1. भारत दुर्दशा (भारतेंदु)- 1880 ई.

2. प्रायश्चित (जयशंकर प्रसाद)- 1913 ई.

3. अंधायुग (धर्मवीर भारती)- 1955 ई.

4. कोर्टमार्शल (स्वदेश दीपक)- 1991 ई.

 

23. निम्नलिखित नाटकों का सही अनुक्रम लिखिए: (दिसम्बर, 2010, II)

(A) चंद्रगुप्त, अंधेर नगरी, आषाढ़ का एक दिन, आठवाँ सर्ग

(B) अंधेर नगरी, आषाढ़ का एक दिन, चंद्रगुप्त, आठवाँ सर्ग

(C) अंधेर नगरी, चंद्रगुप्त, आषाढ़ का एक दिन, आठवाँ सर्ग 

(D) अंधेर नगरी, आषाढ़ का एक दिन, चंद्रगुप्त, आठवाँ सर्ग

अनुक्रम-

1. अंधेर नगरी (भारतेंदु)- 1881 ई.

2. चंद्रगुप्त (जयशंकर प्रसाद)- 1931 ई.

3. आषाढ़ का एक दिन (मोहन राकेश)- 1958 ई.

4. आठवाँ सर्ग (सुरेंद्र वर्मा)- 1976 ई.

 

24. निम्नलिखित नाटकों का सही अनुक्रम कौन-सा है? (जून, 2011, II)

(A) राज्यश्री, खजुराहो का शिल्पी, कोणार्क, भारत दुर्दशा

(B) कोणार्क, भारत दुर्दशा, राज्यश्री, खजुराहो का शिल्पी

(C) खजुराहो का शिल्पी, कोणार्क, राज्यश्री, भारत दुर्दशा

(D) भारत दुर्दशा, राज्यश्री, कोणार्क, खजुराहो का शिल्पी 

अनुक्रम-

1. भारत दुर्दशा (भारतेंदु)- 1980 ई.

2. राज्यश्री (जयशंकर प्रसाद)- 1915 ई.

3. कोणार्क (जगदीशचंद्र माथुर)- 1951 ई.

4. खजुराहो का शिल्पी (शंकर शेष)- 1982 ई.

 

25. निम्नलिखित नाटकों का सही अनुक्रम लिखिए: (दिसम्बर, 2011, II)

(A) कहै कबीर सुनो भाई साधो, भारत दुर्दशा, स्कंदगुप्त, कबिरा खड़ा बाजार में

(B) भारत दुर्दशा, स्कंदगुप्त, कबिरा खड़ा बाजार में, कहै कबीर सुनो भाई साधो 

(C) स्कंदगुप्त, कहे कबीर सुनो भाई साधो, भारत दुर्दशा, कबिरा खड़ा बाजार में

(D) भारत दुर्दशा, कबिरा खड़ा बाजार में, स्कंदगुप्त, कहे कबीर सुनो भाई साधो

अनुक्रम-

1. भारत दुर्दशा (भारतेंदु)- 1880 ई.

2. स्कंदगुप्त (जयशंकर प्रसाद)- 1928 ई.

3. कबिरा खड़ा बाजार में (भीष्म साहनी)- 1981 ई.

4. कहे कबीर सुनो भाई साधो (नरेंद्र मोहन)- 1987 ई.

 

26. रचनाकाल के आधार पर निम्नलिखित नाटकों का सही अनुक्रम है: (दिसम्बर, 2012, III)

(A) स्कंदगुप्त, झाँसी की रानी, चंद्रावली, कबिरा खड़ा बजार में

(B) चंद्रावली, कबिरा खड़ा बजार में, स्कंदगुप्त, झाँसी की रानी

(C) झाँसी की रानी, स्कंदगुप्त, चंद्रावली, कबिरा खड़ा बजार में

(D) चंद्रावली, स्कंदगुप्त, झाँसी की रानी, कबिरा खड़ा बजार में 

अनुक्रम-

1. चंद्रावली (भारतेंदु हरिश्चंद्र)- 1876 ई.

2. स्कंदगुप्त (जयशंकर प्रसाद)- 1928 ई.

3. झाँसी की रानी (वृंदावन लाल वर्मा)- 1948 ई.

4. कबिरा खड़ा बजार में (भीष्म साहनी)- 1981 ई.

 

27. प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित नाटकों का सही अनुक्रम है: (नवम्बर, 2017, III)

(A) आधे-अधूरे, अंधायुग, स्कंदगुप्त, भारत जननी

(B) स्कंदगुप्त, अंधायुग, भारत जननी, आधे-अधूरे

(C) भारत जननी, स्कंदगुप्त, अंधायुग, आधे-अधूरे 

(D) आधे-अधूरे, भारत जननी, अंधायुग, स्कंदगुप्त

अनुक्रम-

1. भारत जननी (भारतेंदु हरिश्चंद्र)- 1874 ई.

2. स्कंदगुप्त (जयशंकर प्रसाद)- 1928 ई.

3. अंधायुग (धर्मवीर भारती)- 1955 ई.

4. आधे-अधूरे (मोहन राकेश)- 1969 ई.

 

28. कालक्रम की दृष्टि से निम्न लिखित नाटकों का सही अनुक्रम क्‍या है? (जून, 2006, II)

(A) संयोगिता स्वयंवर चंद्रगुप्त, सिंदूर की होली, कोणार्क 

(B) चंद्रगुप्त, संयोगिता स्वंयवर, कोणार्क, सिंदूर की होली

(C) सिंदूर की होली, संयोगिता स्वयंवर, चंद्रगुप्त, कोणार्क

(D) कोणार्क, चंद्रगुप्त, संयोगिता स्वयंवर, सिंदूर की होली

अनुक्रम-

1. संयोगिता स्वयंवर (श्रीनिवास दास)- 1886 ई.

2. चंद्रगुप्त (जयशंकर प्रसाद)- 1931 ई.

3. सिंदूर की होली (लक्ष्मीनारायण मिश्र)- 1934 ई.

4. कोणार्क (जगदीशचंद्र माथुर)- 1951 ई.

 

29. निम्नलिखित नाटकों का रचनाकाल की दृष्टि से सही अनुक्रम कौन-सा है? (जून, 2005, II)

(A) लहरों का राजहंस, सिंदूर की होली, आठवाँ सर्ग, ध्रुवस्वामिनी

(B) सिंदूर की होली, ध्रुवस्वामिनी, लहरों का राजहंस, आठवाँ सर्ग

(C) ध्रुवस्वामिनी, सिंदूर को होली, लहरों का राजहंस, आठवाँ सर्ग 

(D) आठवाँ सर्ग, लहरों का राजहंस, ध्रुवस्वामिनी, सिंदूर की होली

अनुक्रम-

1. ध्रुवस्वामिनी (जयशंकर प्रसाद)- 1933 ई.

2. सिंदूर की होली (लक्ष्मीनारायण मिश्र)- 1934 ई.

3. लहरों के राजहंस (मोहन राकेश)- 1963 ई.

4. आठवाँ सर्ग (सुरेंद्र वर्मा)- 1976 ई.

 

30. निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम क्या है? (दिसम्बर, 2006, II)

(A) पहला राजा, बकरी, स्कंदगुप्त, कोर्टमार्शल

(B) कोर्टमार्शल, स्कंदगुप्त, पहला राजा, बकरी

(C) स्कंदगुप्त, पहला राजा, बकरी, कोर्टमार्शल 

(D) बकरी, कोर्टमार्शल, पहला राजा, स्कंदगुप्त

अनुक्रम-

1. स्कंदगुप्त (जयशंकर प्रसाद)- 1928 ई.

2. पहला राजा (जगदीशचंद्र माथुर)- 1969 ई.

3. बकरी (सर्वेश्वर दयाल सक्सेना)- 1974 ई.

4. कोर्टमार्शल (स्वदेश दीपक)- 1991 ई.

 

31. निम्नांकित गीतिनाट्यों का प्रकाशन वर्ष के क्रमानुसार सही अनुक्रम है: (जून, 2014, III)

(A) अंधायुग, एक कंठ विषपायी, मत्स्य गंधा, अग्निलीक

(B) अग्निलीक, एक कंठ विषपायी, अंधायुग, मत्स्य गंधा

(C) अग्निलीक, अंधायुग, मत्स्य गंधा, एक कंठ विषपायी

(D) मत्स्य गंधा, अंधायुग, एक कंठ विषपायी, अग्निलीक 

अनुक्रम-

1. मत्स्य गंधा (उदय शंकर भट्ठ)- 1937 ई.

2. अंधायुग (धर्मवीर भारती)- 1955 ई.

3. एक कंठ विषपायी (दुष्यंत कुमार)- 1963 ई.

4. अग्निलीक (भारत भूषण अग्रवाल)- 1967 ई.

 

32. प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित नाटकों का सही अनुक्रम है: (जून, 2016, II)

(A) कोणार्क, नारद की वीणा, अंधा कुआँ, बकरी

(B) नारद की वीणा, कोणार्क, अंधा कुआँ, बकरी 

(C) अंधा कुआँ, बकरी, कोणार्क, नारद की वीणा

(D) बकरी, कोणार्क, अंधा कुआँ, नारद की वीणा

अनुक्रम-

1. नारद की वीणा (लक्ष्मी नारायण मिश्र)- 1946 ई.

2. कोणार्क (जगदीशचंद्र माथुर)- 1951 ई.

3. अंधा कुंआ (लक्ष्मी नारायण लाल)- 1955 ई.

4. बकरी (सर्वेश्वर दयाल सक्सेना)- 1974 ई.

 

33. प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित नाटकों का सही अनुक्रम है: (जून, 2017, II)

(A)  अंधा कुआँ, इक तारे की आँख, बकरी, कोर्ट मार्शल

(B)  इक तारे की आँख, बकरी, अंधा कुआँ, कोर्ट मार्शल

(C)  बकरी, अंधा कुआँ, कोर्ट मार्शल, इक तारे की आँख

(D)  अंधा कुआँ, बकरी, इक तारे की आँख, कोर्ट मार्शल 

अनुक्रम-

1. अंधा कुंआ (लक्ष्मी नारायण लाल)- 1955 ई.

2. बकरी (सर्वेश्वर दयाल सक्सेना)- 1974 ई.

3. इक तारे की आँख (मणि मधुकर)- 1980 ई.

4. कोर्टमार्शल (स्वदेश दीपक)- 1991 ई.

 

34. निम्नलिखित नाटकों का सही अनुक्रम कौन-सा है? (जून, 2010, II)

(A) अंधायुग, शारदीया, कोर्ट मार्शल, मादा कैक्टस

(B) शारदीया, अंधायुग, मादा कैक्टस, कोर्ट मार्शल

(C) मादा कैक्टस, कोर्ट मार्शल, शारदीया, अंधायुग

(D) कोर्ट मार्शल, अंधायुग, मादा कैक्टस, शारदीया

उत्तर- (*) नाटकों का अनुक्रम-

1. अंधायुग (धर्मवीर भारती)- 1955 ई.

2. शारदीया (जगदीशचंद्र माथुर)- 1959 ई.

3. मादा कैक्टस (लक्ष्मीनारायण लाल)- 1959 ई.

4. कोर्टमार्शल (स्वदेश दीपक)- 1991 ई.

 

35. निम्नलिखित नाटकों का प्रकाशन-वर्ष के अनुसार सही अनुक्रम है: (जून, 2015, II)

(A) कबिरा खड़ा बजार में, करफ्यू, डाक्टर, कोर्ट मार्शल

(B) डाक्टर, करफ्यू, कबिरा खड़ा बजार में, कोर्ट मार्शल 

(C) डाक्टर, कबिरा खड़ा बजार में, कोर्ट मार्शल, करफ्यू

(D) करफ्यू, डाक्टर, कोर्ट मार्शल, कबिरा खड़ा बजार में

अनुक्रम-

1. डाक्टर (विष्णु प्रभाकर)- 1958 ई.

2. करफ्यू (लक्ष्मी नारायण लाल)- 1972 ई.

3. कबिरा खड़ा बजार में (भीष्म साहनी)- 1981 ई.

4. कोर्टमार्शल (स्वदेश दीपक)- 1991 ई.

 

36. रचना-काल के अनुसार निम्नलिखित नाटकों का सही अनुक्रम है: (नवम्बर, 2017, III)

(A) एक और द्रोणाचार्य, मादा कैक्टस, सिंहासन खाली है, द्रौपदी

(B) द्रौपदी, सिंहासन खाली है, मादा कैक्टस, एक और द्रोणाचार्य

(C) सिंहासन खाली है, द्रौपदी, एक और द्रोणाचार्य, मादा कैक्टस

(D) मादा कैक्टस, द्रौपदी, सिंहासन खाली है, एक और द्रोणाचार्य 

अनुक्रम-

1. मादा कैक्टस (लक्ष्मीनारायण लाल)- 1959 ई.

2. द्रौपदी (सुरेंद्र वर्मा)- 1972 ई.

3. सिंहासन खाली है (सुशील कुमार सिंह)- 1974 ई.

4. एक और द्रोणाचार्य (शंकर शेष)- 1977 ई.

 

37. प्रकाशन काल की दृष्टि से महिला नाटककारों के नाटकों का सही अनुक्रम है: (दिसम्बर, 2015, II)

(A) बिना दिवारों का घर, जो राम रचि राखा, ठहरा हुआ पानी, नेपथ्यराग

(B) बिना दिवारों का घर, ठहरा हुआ पानी, जो राम रचि राखा, नेपथ्यराग 

(C) ठहरा हुआ पानी, बिना दिवारों का घर, नेपथ्यराग, जो राम रचि राखा

(D) जो राम रचि राखा, नेपथ्यराग, बिना दिवारों का घर, ठहरा हुआ पानी

अनुक्रम-

1. बिना दिवारों का घर (मन्नू भंडारी)- 1965 ई.

2. ठहरा हुआ पानी (शांति मेहरोत्रा)- 1975 ई.

3. जो राम रचि राखा (मिणाल पाण्डेय)- 1981 ई.

4. नेपथ्यराग (मीरा कांत)- 2004 ई.

 

38. प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित नाटकों का सही अनुक्रम है: (दिसम्बर, 2016, II)

(A) विषवंश, शुतुरमुर्ग, कोर्ट मार्शल, रसगंधर्व

(B) शुतुरमुर्ग, रसगंधवं, कोर्ट मार्शल, विषवंश 

(C) रसगंधर्ज, कोर्ट मार्शल, शुतुरमुर्ग, विषवंश

(D) शुतुरमुर्ग, कोर्ट मार्शल, विषवंश, रसगंधर्व

अनुक्रम-

1. शुतुरमुर्ग (ज्ञानदेव अग्निहोत्री)- 1968 ई.

2. रसगंधर्व (मणि मधुकर)- 1975 ई.

3. कोर्टमार्शल (स्वदेश दीपक)- 1991 ई.

4. विषवंश (राजेश जैन)- 1999 ई.

 

39. प्रकाशन के अनुसार निम्नलिखित नाटकों का सही अनुक्रम क्‍या है? (दिसम्बर, 2013, II)

(A) कोर्ट मार्शल, कबिरा खड़ा बाजार में, कथा एक कंस की, द्रौपदी

(B) कबिरा खड़ा बाजार में, कथा एक कंस की, द्रौपदी, कोर्ट मार्शल

(C) कथा एक कंस की, द्रौपदी, कोर्ट मार्शल, कबिरा खड़ा बाजार में

(D) द्रौपदी, कथा एक कंस की, कबिरा खड़ा बाजार में, कोर्ट मार्शल 

अनुक्रम-

1. द्रौपदी (सुरेन्द्र वर्मा)- 1972 ई.

2. कथा एक कंस की (दया प्रकाश सिन्हा)- 1974 ई.

3. कबिरा खड़ा बजार में (भीष्म साहनी)- 1981 ई.

4. कोर्टमार्शल (स्वदेश दीपक)- 1991 ई.

 

40. कालक्रम की दृष्टि से निम्नलिखित नाटकों का सही अनुक्रम है: (दिसम्बर, 2015, III)

(A) त्रिशंकु, आला अफसर, भूख आग है, विषवंश 

(B) त्रिशंकु, विषबंश, आला अफसर, भूख आग है

(C) आला अफसर, त्रिशंकु, भूख आग है, विषवंश

(D) विषवंश, आला अफसर, त्रिशंकु, भूख आग है

अनुक्रम-

1. त्रिशंकु (ब्रजमोहन शाह)- 1973 ई.

2. आला अफसर (मुद्रा राक्षस)- 1979 ई.

3. भूख आग है (कृष्ण बल्देव वैद)- 1998 ई.

4. विषवंश (राजेश जैन)- 1999 ई.

 

41. इनमें से कौन सा अनुक्रम संगत है? (दिसम्बर, 2005, II)

(A) जयशंकर प्रसाद, स्कंद गुप्त, धातुसेन, प्रसादान्त 

(B) जयशंकर प्रसाद, चन्द्र गुप्त, प्रपंचबुद्धि, दुखांत

(C) जयशंकर प्रसाद, राज्यश्री, कोमा, दुखांत

(D) जयशंकर प्रसाद, ध्रुवस्वामिनी, चाणक्य, सुखान्त

प्रसाद के नाटकों का संगत अनुक्रम-

जयशंकर प्रसाद, स्कंद गुप्त, धातुसेन, प्रसादान्त

 

42. ‘अंधायुग नाटक के अंक शीर्षकों का सही अनुक्रम है: (दिसम्बर, 2018, II)

(A) कौरव नगरी, अश्वत्थामा का अर्द्धसत्य, पशु का उदय, गांधारी का शाप

(B) कौरव नगरी, पशु का उदय, गांधारी का शाप, अश्वत्थामा का अर्द्धसत्य

(C) पशु का उदय, कौरव नगरी, अश्वत्थामा का अर्द्धसत्य, गांधारी का शाप

(D) कौरव नगरी, पशु का उदय, अश्वत्थामा का अर्द्धसत्य, गांधारी का शाप 

‘अंधायुग धर्मवीर भारती द्वारा लिखित गीति-नाटय है जिसका प्रकाशन वर्ष 1955 ई. है। इस गीति नाट्य के अंक शीर्षकों का सही क्रम इस प्रकार हैं-

कौरव नगरी > पशु का उदय > अश्वत्थामा का अर्द्धसत्य > गंधारी का शाप

 

43. कथावस्तु को प्रधान फल की प्राप्ति की ओर अग्रसर कराने वाले चमत्कारपूर्ण अंश को अर्थ प्रकृति कहा जाता है। इन पाँच अर्थ प्रकृतियों का सही अनुक्रम है: (जून, 2016, III)

(A) बिंदु, पताका, प्रकरी, बीज, कार्य

(B) पताका, बीज, बिंदु, कार्य, प्रकरी

(C) बीज, बिंदु, प्रकरी, पताका, कार्य

(D) बीज, बिंदु, पताका, प्रकरी, कार्य 

अर्थ प्रकृतियों का सही अनुक्रम-

अर्थ प्रकृति

अवस्था

संधि

1. बीज

प्रारंभ

मुख

2. बिंदु

प्रयत्न

प्रतिमुख

3. पताका

प्रत्यासा

गर्भ

4. प्रकरी

नियताप्ति

विमर्श (अवमर्श)

5. कार्य

फलागम

निर्वहण या उपसंहार

 44. नाटक के कथानक में कुछ दृश्य सूच्य होते हैं। पाँच प्रकार के इन सूच्य कथानकों का सही अनुक्रम है: (जून, 2017, III)

(A) प्रवेशक, अकांस्य, विष्कंभक, चूलिका, अंकावतार

(B) अंकावतार, चूलिका, अकांस्य, विष्कंभक, प्रवेशक

(C) विष्कंभक, प्रवेशक, चूलिका, अकांस्य, अंकावतार 

(D) चूलिका, अकांस्य, विष्कंभक, प्रवेशक, अंकावतार

सूच्य कथानकों का अनुक्रम-

विष्कंभक > प्रवेशक > चूलिका > अकांस्य > अंकावतार

Quiz 12345678910, 11, 121314151617181920212223242526, 27282930313233343536373839404142434445464748495051525354555657585960616263646566676869707172737475767778798081

यह भी पढ़ें :

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

hindisarang.com पर आपका स्वागत है! जल्द से जल्द आपका जबाब देने की कोशिश रहेगी।

to Top