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NTA UGC NET द्वारा आलोचनात्मक ग्रंथों से संबंधित अनुक्रम पर आधारित पूछे गए प्रश्न | UGC NET Hindi Quiz- 12

यूजीसी नेट हिंदी old question paper

दोस्तों यहाँ पर यूजीसी नेट जेआरएफ हिंदी की परीक्षा के क्रम आधारित प्रश्नों का बारहवां भाग दिया जा रहा है। यहाँ पर 2004 से लेकर 2019 तक के ugc net हिंदी के प्रश्नपत्रों में आलोचकों के ग्रंथों से अनुक्रम संबंधित पूछे गए प्रश्नों को एक साथ दिया जा रहा है। ठीक उसी तरह जैसे उपन्यासों, कहानियों, निबंधों तथा नाटकों से संबंधित अनुक्रम आधारित प्रश्न दिए गए थे।

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UGC NET Hindi Quiz- 12

इन प्रश्नों को हल करने के बाद आप पाएंगे कि nat ugc net hindi में बहुत सारे आलोचना ग्रंथों को घुमा-फिराकर बार-बार पूछ लिया जाता है। इन प्रश्नों का दो-तीन बार यदि आप अभ्यास कर लेते हैं तो इन आलोचकों के आलोचनात्मक ग्रंथों संबंधी अनुक्रम आधारित प्रश्न गलत नहीं होंगे, ज्यादा संभावना यही है की इन्हीं आलोचकों के आलोचनात्मक ग्रंथों को ही दुबारा पूछा जाए। ugc के अलावा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं- uphesc, rpsc, hpsc, dsssb, tgt, pgt आदि के लिए भी ये प्रश्न काफी महत्वपूर्ण हैं।

यूजीसी नेट द्वारा 2004 से अब तक पूछे गए प्रश्न

1. हज़ारीप्रसाद द्विवेदी के आलोचनात्मक ग्रंथों का सही अनुक्रम है: (जून, 2010, II)

(A) कबीर, हिंदी साहित्य, हिंदी साहित्य की भूमिका, सूर साहित्य

(B) सूर साहित्य, हिंदी साहित्य की भूमिका, कबीर, हिंदी साहित्य ✅

(C) हिंदी साहित्य, कबीर, हिंदी साहित्य की भूमिका, सूर साहित्य

(D) हिंदी साहित्य की भूमिका, सूर साहित्य, हिंदी साहित्य, कबीर

अनुक्रम-

1. सूर साहित्य- 1930 ई.

2. हिंदी साहित्य की भूमिका- 1940 ई.

3. कबीर- 1941 ई.

4. हिंदी साहित्य-

 

2. प्रकाशन वर्ष के अनुसार हजारीप्रसाद द्विवेदी के निम्नलिखित आलोचना ग्रंथों का सही अनुक्रम है: (जून, 2017, III)

(A) हिंदी साहित्य का आदिकाल, मध्यकालीन बोध का स्वरूप, लालित्य मीमांसा, हिंदी साहित्य की भूमिका

(B) मध्यकालीन बोध का स्वरूप, लालित्य मीमांसा, हिंदी साहित्य की भूमिका, हिंदी साहित्य का आदिकाल

(C) लालित्य मीमांसा, हिंदी साहित्य का आदिकाल, मध्यकालीन बोध का स्वरूप, हिंदी साहित्य की भूमिका

(D) हिंदी साहित्य की भूमिका, हिंदी साहित्य का आदिकाल, लालित्य मीमांसा, मध्यकालीन बोध का स्वरूप 

अनुक्रम-

1. हिंदी साहित्य की भूमिका- 1940 ई.

2. हिंदी साहित्य का आदिकाल- 1952 ई.

3. कालिदास की लालित्य योजना- 1965 ई.

4. मध्यकालीन बोध का स्वरूप- 1970 ई.

 

3. प्रकाशन वर्ष के अनुसार नंददुलारे वाजपेयी के निम्नलिखित आलोचना ग्रंथों का सही अनुक्रम बताइए: (जून, 2013, III)

(A) हिंदी साहित्य-बीसवीं शताब्दी, आधुनिक साहित्य, रस सिद्धांत, रीति और शैली 

(B) रस सिद्धांत, रीति और शैली, आधुनिक साहित्य, हिंदी साहित्य-बीसवीं शताब्दी

(C) रीति और शैली, रस सिद्धांत, हिंदी साहित्य- बीसवीं शताब्दी, आधुनिक साहित्य

(D) हिंदी साहित्य-बीसवीं शताब्दी, रीति और शैली, रस सिद्धांत, आधुनिक साहित्य

अनुक्रम-

1. हिंदी साहित्य-बीसवीं शताब्दी- 1942 ई.

2. आधुनिक साहित्य- 1950 ई.

3. रस सिद्धांत- 1977 ई.

4. रीति और शैली- 1979 ई.

 

4. प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से आचार्य नंददुलारे वाजपेयी की आलोचनात्मक कृतियों का सही अनुक्रम है: (जून, 2018, II)

(A) नयी कविता, जयशंकर प्रसाद, कवि निराला, आधुनिक साहित्य

(B) जयशंकर प्रसाद, आधुनिक साहित्य, कवि निराला, नयी कविता 

(C) आधुनिक साहित्य, कवि निराला, जयशंकर प्रसाद, नयी कविता

(D) कवि निराला, आधुनिक साहित्य, नयी कविता, जयशंकर प्रसाद

अनुक्रम-

1. जयशंकर प्रसाद- 1940 ई.

2. आधुनिक साहित्य- 1950 ई.

3, महाकवि कवि निराला- 1965 ई.

4. नयी कविता- 1973 ई.

 

5. प्रकाशन की दृष्टि से रामविलास शर्मा के ग्रंथों का सही अनुक्रम क्‍या है? (दिसम्बर, 2013, III)

(A) आस्था और सौन्दर्य, भारत की भाषा समस्या, निराला की साहित्य साधना भाग-1, नयी कविता और अस्तित्ववाद 

(B) भारत की भाषा समस्या, निराला की साहित्य साधना भाग-1, नयी कविता और अस्तित्ववाद, आस्था और सौन्दर्य

(C) निराला की साहित्य साधना भाग-1, नयी कविता और अस्तित्ववाद, आस्था और सौन्दर्य, भारत को भाषा समस्या

(D) नयी कविता और अस्तित्ववाद, आस्था और सौन्दर्य, भारत की भाषा समस्या, निराला की साहित्य साधना भाग-1

अनुक्रम-

1. आस्था और सौन्दर्य- 1961 ई.

2. भारत की भाषा समस्या- 1965 ई.

3. निराला की साहित्य साधना- तीन भाग: 1969, 1972, 1976 ई.

4. नयी कविता और अस्तित्ववाद- 1978 ई.

 

6. रामविलास शर्मा की निम्नांकित कृतियों का प्रकाशन वर्ष के अनुसार सही अनुक्रम है: (जून, 2014, III)

(A) विराम चिह्न; भाषा, साहित्य और संस्कृति; प्रगति और परम्परा; भाषा, युगबोध और कविता

(B) प्रगति और परम्परा; भाषा, साहित्य और संस्कृति; भाषा, युगबोध और कविता; विराम चिह्न 

(C) भाषा, युगबोध और कविता; भाषा, साहित्य और संस्कृति; प्रगति और परम्परा; विराम चिह्न

(D) प्रगति और परम्परा; विराम चिह्न; भाषा, युगबोध और कविता; भाषा, साहित्य और संस्कृति

अनुक्रम-

1. प्रगति और परम्परा- 1949 ई.

2. भाषा, साहित्य और संस्कृति 1949 ई.

3. भाषा, युगबोध और कविता; 1981 ई.

4. विराम चिह्न; 1985 ई.

 

7. प्रकाशन वर्ष के अनुसार रामविलास शर्मा की कृतियों का सही अनुक्रम है: (दिसम्बर, 2014, III)

(A) बड़े भाई, भारतेंदु युग, परम्परा का मूल्यांकन, भाषा, साहित्य और संस्कृति

(B) भारतेंदु युग, भाषा, साहित्य और संस्कृति, परम्परा का मूल्यांकन, बड़े भाई 

(C) भाषा, साहित्य और संस्कृति, परम्परा का मूल्यांकन, बड़े भाई, भारतेंदु युग

(D) परम्परा का मूल्यांकन, बड़े भाई, भाषा, साहित्य और संस्कृति, भारतेंदु युग

अनुक्रम-

1. भारतेंदु युग- 1943 ई.

2. भाषा, साहित्य और संस्कृति- 1949 ई.

3. परम्परा का मूल्यांकन- 1981 ई.

4. बड़े भाई- 1986 ई.

 

8. प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से डॉ. नगेंद्र के आलोचना ग्रंथों का सही अनुक्रम है: (जून, 2016, III)

(A) भारतीय काव्य-शास्त्र की भूमिका, काव्य में उदात्त तत्त्व, साहित्य का समाजशास्त्र, भारतीय सौन्दर्यशास्त्र की भूमिका

(B) भारतीय काव्य-शास्त्र की भूमिका, काव्य में उदात्त तत्त्व, भारतीय सौंदर्यशास्त्र की भूमिका, साहित्य का समाजशास्त्र 

(C) काव्य में उदात्त तत्त्व, भारतीय काव्य-शास्त्र की भूमिका, भारतीय सौंदर्यशास्त्र की भूमिका, साहित्य का समाजशास्त्र

(D) भारतीय सौंदर्यशास्त्र की भूमिका, साहित्य का समाजशास्त्र, भारतीय काव्य शास्त्र की भूमिका, काव्य में उदात्त तत्व

अनुक्रम-

1. भारतीय काव्य-शास्त्र को भूमिका- 1955 ई.

2. काव्य में उदात्त तत्त्व- 1958 ई.

3. भारतीय सौंदर्यशास्त्र की भूमिका- 1972 ई.

4. साहित्य का समाजशास्त्र- 1982

 

9. नेमिचंद जैन की रचनाओं का प्रकाशन वर्ष के अनुसार सही क्रम है: (जून, 2014, III)

(A) रंगदर्शन, तीसरा पाठ, अधूरे साक्षात्कार, जनांतिक

(B) जनांतिक, रंगदर्शन, तीसरा पाठ, अधूरे साक्षात्कार

(C) अधूरे साक्षात्कार, रंगदर्शन, जनांतिक, तीसरा पाठ 

(D) तीसरा पाठ, अधुरे साक्षात्कार, जनांतिक, रंगदर्शन

अनुक्रम-

1. अधूरे साक्षात्कार- 1966 ई.

2. रंगदर्शन- 1967 ई.

3. जनांतिक- 1981 ई.

4. तीसरा पाठ- 1998 ई.

 

10. निम्नांकित कृतियों का प्रकाशन वर्ष के क्रमानुसार सही अनुक्रम है: (जून, 2014, III)

(A) साकेत: एक अध्ययन, सीढ़ियों पर धूप में, सच्ची समालोचना, इतिहास तिमिर नाशक

(B) सच्ची समालोचना, साकेत: एक अध्ययन, इतिहास तिमिर नाशक, सीढ़ियों पर धूप में

(C) इतिहास तिमिर नाशक, सच्ची समालोचना, साकेत: एक अध्ययन, सीढ़ियों पर धूप में 

(D) सीढ़ियों पर धूप में, सच्ची समालोचना, इतिहास तिमिर नाशक, साकेत: एक अध्ययन

अनुक्रम-

1. इतिहास तिमिर नाशक (शिवप्रसाद सितारे हिंद)- 1873 ई.

2. सच्ची समालोचना (बालकृष्ण भट्ठ)- 1886 ई.

3. साकेत: एक अध्ययन (नागेंद्र)- 1939 ई.

4. सीढ़ियों पर धूप में (रघुवीर सहाय)- 1959 ई.

 

11. प्रकाशन-वर्ष के आधार पर निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम है: (दिसम्बर, 2015, II)

(A) सम्पत्तिशास्त्र, साहित्यालोचन, संस्कृति के चार अध्याय, मध्यकालीन बोध का स्वरूप 

(B) साहित्यालोचन, सम्पत्तिशास्त्र, संस्कृति के चार अध्याय, मध्यकालीन बोध का स्वरूप

(C) संस्कृति के चार अध्याय, सम्पत्तिशास्त्र, मध्यकालीन बोध का स्वरूप, साहित्यालोचन

(D) सम्पत्तिशास्त्र, मध्यकालीन बोध का स्वरूप, साहित्यालोचन, संस्कृति के चार अध्याय

अनुक्रम-

1. सम्पत्तिशास्त्र (महावीर प्रसाद द्विवेदी)- 1907 ई.

2. साहित्यालोचन (श्यामसुंदर दास)- 1922 ई.

3. संस्कृति के चार अध्याय (रामधारी सिंह दिनकर)- 1956 ई.

4. मध्यकालीन बोध का स्वरूप (हजारी प्रसाद द्विवेदी)- 1970 ई.

 

12. निम्नलिखित ग्रंथों का सही अनुक्रम क्‍या है? (जून, 2006, II)

(A) हिंदी नवरत्न, देव और बिहारी, बिहारी और देव, बिहारी का नया मूल्यांकन 

(B) देव और बिहारी, हिंदी नवरत्न, बिहारी का नया मूल्यांकन, बिहारी और देव

(C) बिहारी और देव, देव और बिहारी, बिहारी का नया मूल्यांकन, हिंदी नवरत्न

(D) बिहारी का नया मूल्यांकन, बिहारी और देव, हिंदी नवरत्न, देव और बिहारी

अनुक्रम-

1. हिंदी नवरत्न (मिश्र बंधु)- 1910 ई.

2. देव और बिहारी (कृष्ण बिहारी मिश्र)-

3. बिहारी और देव (लाला भगवान दीन)-

4. बिहारी का नया मूल्यांकन (बच्चन सिंह)-

 

13. प्रकाशन के अनुसार इन आलोचना ग्रंथों का सही अनुक्रम कौन-सा है? (जून, 2013, II)

(A) प्रेमचंद और उनका युग, हिंदी साहित्य के अस्सी वर्ष, छायावाद, हिंदी नवरत्न

(B) हिंदी नवरत्न, प्रेमचंद और उनका युग, हिंदी साहित्य के अस्सी वर्ष, छायावाद 

(C) हिंदी साहित्य के अस्सी वर्ष, छायावाद, हिंदी नवरत्न, प्रेमचंद और उनका युग

(D) छायावाद, हिंदी नवरत्न, प्रेमचंद और उनका युग, हिंदी साहित्य के अस्सी वर्ष

अनुक्रम-

1. हिंदी नवरत्न (मिश्र बंधु)- 1910 ई.

2. प्रेमचंद और उनका युग (रामविलास शर्मा)- 1952 ई.

3. हिंदी साहित्य के अस्सी वर्ष (शिवदान सिंह चौहान)- 1954 ई.

4. छायावाद (नामवर सिंह)- 1955 ई.

 

14. प्रकाशन-वर्ष की दृष्टि से निम्नलिखित आलोचना- ग्रंथों का सही अनुक्रम है: (दिसम्बर, 2015, III)

(A) रस मीमांसा, कालिदास की निरंकुशता, शुद्ध कविता की खोज, महावीर प्रसाद द्विवेदी और हिंदी नवजागरण

(B) शुद्ध कविता की खोज, कालिदास की निरंकुशता, रस मीमांसा, महावीर प्रसाद द्विवेदी और हिंदी नवजागरण

(C) कालिदास की निरंकुशता, रस मीमांसा, शुद्ध कविता की खोज, महावीर प्रसाद द्विवेदी और हिंदी नवजागरण 

(D) कालिदास की निरंकुशता, रस मीमांसा, महावीर प्रसाद द्विवेदी और हिंदी नवजागरण, शुद्ध कविता की खोज

अनुक्रम-

1. कालिदास की निरंकुशता (महावीर प्रसाद द्विवेदी)- 1911 ई.

2. रस मीमांसा (रामचंद्र शुक्ल)- 1949 ई.

3. शुद्ध कविता की खोज (रामधारी सिंह दिनकर)- 1966 ई.

4. महावीर प्रसाद द्विवेदी और हिंदी नवजागरण (रामविलास शर्मा)- 1977 ई.

 

15. प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित आलोचना ग्रंथों का सही अनुक्रम है: (जून, 2016, III)

(A) आधुनिक हिंदी साहित्य, रस सिद्धांत, दक्खिनी हिंदी का साहित्य, मार्क्सवादी साहित्य चिंतन

(B) रस सिद्धांत, आधुनिक हिंदी साहित्य, दक्खिनी हिंदी का साहित्य, मार्क्सवादी साहित्य चितन

(C) आधुनिक हिंदी साहित्य, दक्खिनी हिंदी का साहित्य, मार्क्सवादी साहित्य चितन, रस सिद्धांत 

(D) आधुनिक हिंदी साहित्य, मार्क्सवादी साहित्य चिंतन, रस सिद्धांत, दक्खिनी हिंदी का साहित्य

अनुक्रम-

1. आधुनिक हिंदी साहित्य (लक्ष्मीसागर वार्ष्णेय)- 1940 ई.

2. दक्खिनी हिंदी का साहित्य (श्रीराम शर्मा)- 1970 ई.

3. मार्क्सवादी साहित्य चिंतन (शिवकुमार मिश्र)- 1973 ई.

4. रस सिद्धांत (नंददुलारे वाजपेयी)- 1977 ई.

 

16. निम्नलिखित ग्रंथों का सही अनुक्रम क्‍या है? (जून, 2006, II)

(A) नयी कविता के प्रतिमान, कामायनी: एक पुनर्विचार, कविता के नये प्रतिमान, छायावाद का पतन

(B) कविता के नये प्रतिमान, नयी कविता के प्रतिमान, छायावाद का पतन, कामायनी: एक पुनर्विचार

(C) छायावाद का पतन, कामायनी: एक पुनर्विचार, नयी कविता के प्रतिमान, कविता के नये प्रतिमान 

(D) कामायनी: एक पुनर्विचार, छायावाद का पतन, कविता के नये प्रतिमान, नयी कविता के प्रतिमान

अनुक्रम-

1. छायावाद का पतन (देवराज)- 1948 ई.

2. कामायनी: एक पुनर्विचार (मुक्तिबोध)- 1961 ई.

3. नयी कविता के प्रतिमान (लक्ष्मीकांत वर्मा)- 1957 ई.

4. कविता के नये प्रतिमान (नामवर सिंह)- 1968 ई.

 

17. निम्नलिखित ग्रंथों का कालक्रमानुसार सही अनुक्रम है: (नवम्बर, 2017, II)

(A) आलोचना के मान, रसमीमांसा, नयी कविता, नयी कविता और अस्तित्ववाद

(B) रसमीमांसा, आलोचना के मान, नयी कविता, नयी कविता और अस्तित्ववाद 

(C) रसमीमांसा, नयी कविता, आलोचना के मान, नयी कविता और अस्तित्ववाद

(D) नयी कविता और अस्तित्ववाद, नयी कविता, आलोचना के मान, रसमीमांसा

अनुक्रम-

1. रसमीमांसा (रामचंद्र शुक्ल)- 1949 ई.

2. आलोचना के मान (शिवदान सिंह चौहान)- 1958 ई.

3. नयी कविता (नंददुलारे वाजपेयी)- 1976 ई.

4. नयी कविता और अस्तित्ववाद (रामविलास शर्मा)- 1978 ई.

 

18. निम्नलिखित ग्रंथों का सही कालानुक्रम है: (जून, 2015, II)

(A) कवि कह गया है, जनांतिक, मुक्तिबोध: ज्ञान और संवेदना, प्रेमचंद और उनका युग

(B) मुक्तिबोध: ज्ञान और संवेदना, जनांतिक, प्रेमचंद और उनका युग, कवि कह गया है

(C) प्रेमचंद और उनका युग, जनांतिक, मुक्तिबोध: ज्ञान और संवेदना, कवि कह गया है 

(D) जनांतिक, प्रेमचंद और उनका युग, मुक्तिबोध: ज्ञान और संवेदना, कवि कह गया है

अनुक्रम-

1. प्रेमचंद और उनका युग (रामविलास शर्मा)- 1952 ई.

2. जनांतिक (नेमिचंद्र जैन)- 1981 ई.

3. मुक्तिबोध: ज्ञान और संवेदना (नंदकिशोर नवल)- 1993 ई.

4. कवि कह गया है (अशोक वाजपेयी)- 2000 ई.

 

19. प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित आलोचना ग्रंथों का सही अनुक्रम है: (दिसम्बर, 206, III)

(A) प्रेमचंद और उनका युग, कामायनी: एक पुनर्विचार, अधूरे साक्षात्कार, दूसरी परंपरा को खोज 

(B) कामायनी: एक पुनर्विचार, अधूरे साक्षात्कार, दूसरी परंपरा की खोज, प्रेमचंद और उनका युग

(C) अधूरे साक्षात्कार, दूसरी परंपरा की खोज, प्रेमचंद और उनका युग, कामायनी: एक पुनर्विचार

(D) दूसरी परंपरा की खोज, प्रेमचंद और उनका युग, कामायनी: एक पुनर्विचार, अधूरे साक्षात्कार

अनुक्रम-

1. प्रेमचंद और उनका युग (रामविलास शर्मा)- 1952 ई.

2. कामायनी: एक पुनर्विचार (मुक्तिबोध)- 1961 ई.

3. अधूरे साक्षात्कार (नेमिचंद्र जैन)- 1966 ई.

4. दूसरी परंपरा की खोज (नामवर सिंह)- 1982 ई.

 

20. प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित आलोचना ग्रंथों का सही अनुक्रम है: (नवम्बर, 2017, III)

(A) वाद विवाद संवाद, साहित्य और इतिहास दृष्टि, कामायनी: एक पुनर्विचार, प्रेमचंद और उनका युग

(B) कामायनी: एक पुनर्विचार, प्रेमचंद और उनका युग, वाद विवाद संवाद, साहित्य और इतिहास दृष्टि

(C) प्रेमचंद और उनका युग, कामायनी: एक पुनर्विचार, साहित्य और इतिहास दृष्टि, वाद विवाद संवाद 

(D) साहित्य और इतिहास दृष्टि, वाद विवाद संवाद, प्रेमचंद और उनका युग, कामायनी: एक पुनर्विचार

अनुक्रम-

1. प्रेमचंद और उनका युग (रामविलास शर्मा)- 1952 ई.

2. कामायनी: एक पुनर्विचार (मुक्तिबोध)- 1961 ई.

3. साहित्य और इतिहास दृष्टि (मैनेजर पांडेय)- 1981 ई.

4. वाद विवाद संवाद (नामवर सिंह)- 1989 ई.

 

21. प्रकाशन वर्ष के आधार पर निम्नलिखित आलोचनात्मक कृतियों का सही अनुक्रम है: (जून, 2018, II)

(A) कवि सुमित्रानंदन पंत, हिंदी साहित्य का आदिकाल, मिथक और साहित्य, भारतीय सौंदर्यबोध और तुलसीदास

(B) हिंदी साहित्य का आदिकाल, कवि सुमित्रानंदन पंत, मिथक और साहित्य, भारतीय सौंदर्यबोध और तुलसीदास 

(C) मिथक और साहित्य, कवि सुमित्रानंदन पंत, भारतीय सौंदर्यबोध और तुलसीदास, हिंदी साहित्य का आदिकाल

(D) भारतीय सौंदर्यबोध और तुलसीदास, मिथक और साहित्य, हिंदी साहित्य का आदिकाल, कवि सुमित्रानंदन पंत

अनुक्रम-

1. हिंदी साहित्य का आदिकाल (हजारी प्रसाद द्विवेदी)- 1952 ई.

2. कवि सुमित्रानंदन पंत (नंददुलारे वाजपेयी)- 1976 ई.

3. मिथक और साहित्य (नगेंद्र)- 1979 ई.

4. भारतीय सौंदर्यबोध और तुलसीदास (रामविलास शर्मा)- 2001 ई.

 

22.  प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित आलोचना-ग्रंथों का सही अनुक्रम है: (जून, 2017, II)

(A)  वाद विवाद संवाद, अधूरे साक्षात्कार, कामायनी: एक पुनर्विचार, हिंदी साहित्य के अस्सी वर्ष

(B)  हिंदी साहित्य के अस्सी वर्ष, कामायनी: एक पुनर्विचार, अधूरे साक्षात्कार, वाद विवाद संवाद 

(C)  कामायनी: एक पुनर्विचार, हिंदी साहित्य के अस्सी वर्ष, वाद विवाद संवाद, अधूरे साक्षात्कार

(D)  अधूरे साक्षात्कार, वाद विवाद संवाद, हिंदी साहित्य के अस्सी वर्ष, कामायनी: एक पुनर्विचार

अनुक्रम-

1. हिंदी साहित्य के अस्सी वर्ष (शिवदान सिंह चौहान)- 1954 ई.

2. कामायनी: एक पुनर्विचार (मुक्तिबोध)- 1961 ई.

3. अधूरे साक्षात्कार (नेमिचंद्र जैन)- 1966 ई.

4. वाद विवाद संवाद (नामवर सिंह)- 1989 ई.

 

23. निम्नलिखित इतिहास ग्रंथों का कालक्रमानुसार सही क्रम कौन-सा है? (जून, 2012, II)

(A) मिश्रबंधु विनोद, मॉडर्न वर्नाक्युलर लिटरेचर ऑफ नार्दर्न हिंदुस्तान, शिवसिंह सरोज, इस्त्वारा द ल लितरेत्यूर ऐंदुई ऐ ऐंदूस्तानी

(B) इस्त्वारा द ल लितरेत्यूर ऐंदुई ऐ ऐंदूस्तानी, शिवसिंह सरोज, मॉडर्न वर्नाक्युलर लिटरेचर ऑफ नार्दर्न हिंदुस्तान, मिश्रबंधु विनोद 

(C) शिवसिंह सरोज, इस्त्वारा द ल लितरेत्यूर ऐंदुई ऐ ऐंदूस्तानी, मिश्रबंधु विनोद, मॉडर्न वर्नाक्युलर लिटरेचर ऑफ नार्दर्न हिंदुस्तान

(D) मॉडर्न वर्नाक्युलर लिटरेचर ऑफ नार्दर्न हिंदुस्तान, इस्त्वारा द ल लितरेत्यूर ऐंदुई ऐ ऐंदूस्तानी, शिवसिंह सरोज, मिश्रबंधु विनोद

अनुक्रम-

1. इस्त्वारा द ल लितरेत्यूर ऐंदुई ऐ ऐंदूस्तानी (गार्सा द तासी)- Ist-1839 ई., IInd-1847 ई.

2. शिवसिंह सरोज (शिवसिंह सेंगर)- 1883 ई.

3. मॉडर्न वर्नाक्युलर लिटरेचर ऑफ नार्दर्न हिंदुस्तान (जार्ज ग्रियर्सन)- 1888 ई.

4. मिश्रबंधु विनोद (मिश्र बंधु)- प्रथम 3 भाग: 1913 ई. और चतुर्थ भाग: 1934 ई.

 

24. निम्नलिखित इतिहास ग्रंथों का कालक्रमानुसार सही क्रम क्‍या है? (दिसम्बर, 2012, II)

(A) हिंदी साहित्य का आलोचनात्मक इतिहास, हिंदी साहित्य की भूमिका, हिंदी साहित्य का इतिहास, मिश्रबंधु विनोद

(B) हिंदी साहित्य का इतिहास, हिंदी साहित्य की भूमिका, मिश्रबंधु विनोद, हिंदी साहित्य का आलोचनात्मक इतिहास

(C) हिंदी साहित्य की भूमिका, हिंदी साहित्य का इतिहास, मिश्रबंधु विनोद, हिंदी साहित्य का आलोचनात्मक इतिहास

(D) मिश्रबंधु विनोद, हिंदी साहित्य का इतिहास, हिंदी साहित्य की भूमिका, हिंदी साहित्य का आलोचनात्मक इतिहास 

अनुक्रम-

1. मिश्रबंधु विनोद (मिश्र बंधु)- प्रथम 3 भाग: 1913 ई. और चतुर्थ भाग: 1934 ई.

2. हिंदी साहित्य का इतिहास (रामचंद्र शुक्ल)- 1929 ई.

3. हिंदी साहित्य की भूमिका (हजारी प्रसाद द्विवेदी)- 1940 ई.

4. हिंदी साहित्य का आलोचनात्मक इतिहास (रामकुमार वर्मा)- 1938 ई.

 

25. प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित पुस्तकों का सही अनुक्रम है: (दिसम्बर, 2015, III)

(A) हिंदी साहित्य का आधा इतिहास, हिंदी साहित्य का दूसरा इतिहास, मध्यकालीन बोध का स्वरूप, हिंदी साहित्य और संवेदना का विकास

(B) मध्यकालीन बोध का स्वरूप, हिंदी साहित्य और संवेदना का विकास, हिंदी साहित्य का दूसरा इतिहास, हिंदी साहित्य का आधा इतिहास 

(C) हिंदी साहित्य और संवेदना का विकास, हिंदी साहित्य का दूसरा इतिहास, हिंदी साहित्य का आधा इतिहास, मध्यकालीन बोध का स्वरूप,

(D) हिंदी साहित्य का दूसरा इतिहास, हिंदी साहित्य का आधा इतिहास, मध्यकालीन बोध का स्वरूप, हिंदी साहित्य और संवेदना का विकास

अनुक्रम-

1. मध्यकालीन बोध का स्वरूप (हजारी प्रसाद द्विवेदी)- 1970 ई.

2. हिंदी साहित्य और संवेदना का विकास (राम स्वरूप चतुर्वेदी)- 1986 ई.

3. हिंदी साहित्य का दूसरा इतिहास (बच्चन सिंह)- 1996 ई.

4. हिंदी साहित्य का आधा इतिहास (सुमन राजे)- 2003 ई.

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