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NTA UGC NET द्वारा काव्य पंक्तियों से संबंधित पूछे गए प्रश्न | UGC NET Hindi Quiz- 47

यूजीसी नेट हिंदी old question paper

दोस्तों यहाँ पर यूजीसी नेट जेआरएफ हिंदी की परीक्षा के काव्य पंक्तियों के प्रश्नों को दिया जा रहा है। हिंदी क्विज का यह 47वां भाग है। यहाँ पर 2004 से लेकर 2019 तक के ugc net हिंदी के प्रश्नपत्रों में काव्य पंक्तियों से संबंधित पूछे गए प्रश्नों को एक साथ दिया जा रहा है। ठीक उसी तरह जैसे कवि और काव्य पंक्तियों संबंधी प्रश्न दिए गए हैं।

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UGC NET Hindi Quiz- 47

इन प्रश्नों को हल करने के बाद आप पाएंगे कि nat ugc net hindi में काव्य पंक्तियों से कुछ खास कवियों एवं उनकी काव्य पंक्तियों से प्रश्न अधिक पूछा जाता है। इन प्रश्नों का दो-तीन बार यदि आप अभ्यास कर लेते हैं तो काव्य की पंक्तियों संबंधित प्रश्न गलत नहीं होंगे, ज्यादा संभावना है की इन्हीं प्रश्नों में से ही कोई दुबारा पूछ लिया जाए।

यूजीसी नेट द्वारा 2004 से अब तक पूछे गए प्रश्न

1. ‘कब को टेरत दीन है, होत न स्याम सहाय!

तुम हू लागी जगत गुरु, जगनायक जग बाय!’

-इस दोहे में कवि: (जून, 2009, II)

(A) शिकायत करता है 

(B) प्रार्थना करता है

(C) आत्मनिवेदन करता है

(D) व्यंग्य करता है


2. “कर्मठ कठमलिया कहें ज्ञानी ज्ञान-विहीन

तुलसी त्रिपथ बिहाय गो राम दुआरे दीन”

–में त्रिपथ का अर्थ है? (जून, 2013, III)

(A) निर्गुण, सगुण और मुक्ति मार्ग

(B) उत्तम मार्ग, मध्यम मार्ग और निम्न मार्ग

(C) द्वैत, अद्वैत और द्वैताद्वैत

(D) कर्म मार्ग, ज्ञान मार्ग और उपासना मार्ग 


3. ‘ढलमल-डलमल चंचल अंतल, झलमल झलमल तारा’

-पंक्ति में मुख्यत: वर्णन है: (जून, 2013, III)

(A) नदी को धारा का 

(B) नीले आकाश का

(C) चाँदनी रात का

(D) साड़ी के आंचल का


4. “मस्तीन सुखा डाहिबी। आसीम औरम थाहिबी।।

धी धी धुना नुप जाहिबी। फीफी फिना सत साहिबी।।”

-उपरोक्त पंक्तियाँ किस भाषा का नमूना हैं? (जून, 2014, III)

(A) मागधी

(B) पैशाची 

(C) बांगरू

(D) कौरवी


5. ‘हिन्दू मग पर पाँव न राख्यौ।

का बहुतैं जो हिन्दी भाख्यौ।।’

-ये काव्य-पंक्तियाँ किस बोली में हैं? (जून, 2015, III)

(A) ब्रज

(B) भोजपुरी

(C) अवधी 

(D) बुंदेली


6. ‘तिय सैसव जोबन मिले, भेद न जान्यो जात।

प्रात समय निसि द्यौस के दुवौ भाव दर सात।।'

-उक्त दोह़े में नायिका की किस अवस्था का वर्णन हुआ है? (दिसम्बर, 2016, II)

(A) वय: संधि 

(B) युवावस्था

(C) प्रौढ़ावस्था

(D) शैशवावस्था


7. ‘समरस थे जड़ या चेतन

सुंदर साकार बना था

चेतनता एक विलसती

आनंद अखंड घना था।’

-जयशंकर प्रसाद की उपर्युक्त काव्य-पंक्तियाँ ‘कामायनी’ के किस सर्ग की हैं? (दिसम्बर, 2016, II)

(A) श्रद्धा

(B) रहस्य

(C) आनंद 

(D) इड़ा


8. “पानिप अपार घन आनँद उकति ओछी

जतन जुगति जोन्ह कौन पै नपति है।”

-उक्त काव्यांश में कवि क्या कहना चाहता है? (जून, 2016, III)

(A) नायिका का सौंदर्य वर्णन असंभव नहीं है

(B) नायिका के सौंदर्य से अच्छी कवि को उक्ति है

(C) नायिका के सौंदर्य को तुलना में मेरी उक्ति निकृष्ट है 

(D) नायिका का सौंदर्य और कवि की उक्त दोनों अच्छे हैं


9. ‘सोहैं घनस्याम मग हेरति हथेरी ओट

ऊँचे धाम बाम चढ़ि आवत उतरि जात।’

-इन पंक्तियों में नायिका की किस मनोदशा का वर्णन हुआ है? (दिसम्बर, 2016, III)

(A) उल्लास

(B) उत्कंठा 

(C) हताशा

(D) आह्लाद

 

10. ‘तिय सैसव जोबन मिले, भेद न जान्यो जात।

प्र्रात समय निसि द्योस के डुबो भाव दरसात’

-इस दोहे में नायिका की किस अवस्था का वर्णन किया गया है? (जून, 2017, II)

(A) सद्यः स्नाता

(B) वयःसंधि 

(C) नवोढ़ा

(D) मानमृदु


11. ‘सगुनहि अगुनहि नहिं कछु भेदा’

-इस तथ्य को तुलसीदास ने किसके द्वारा कहलवाया है? (नवंबर, 2017, II)

(A) शिव 

(B) काग भुसुंडि

(C) भरद्वाज

(D) तुलसीदास की स्वयं की उक्ति


12. “सावन आवन हेरि सखी, मनभावन-आवन-चोप बिसेखी।

छाए कहूँ घन आनंद जान सम्हारि की ठौर लै भूलनि लेखी।

बूँदें लगें सब अंग दगैं उलटी गति आपने पापनि पेखी।

पौन सों जागति आगि सुनी ही पै पानि तें लागति आँखिन देखी।।”

-इस सवैया में विरहिणी नायिका की किस मन:स्थिति का चित्रण किया गया है? (नवंबर, 2017, II)

(A) पुलक

(B) मार्मिक स्थिति 

(C) रोमांच

(D) संकोच


13. ‘मैं नारि अपावन प्रभु जग पावन रावन रिपु जन सुखदाई।

राजीव बिलोचन भव भय मोचन पाहि-पाहि सरनहिं आई।।’

-‘रामचरितमानस’ की उक्त चौपाई में व्यक्त विचार किस पात्र के हैं? (जून, 2017, III)

(A) अहल्या 

(B) शबरी

(C) तारा

(D) मंदोदरी


14. ‘लिखन बैठि जाकी सबी गहि गहि गरब गरूर।

भए न केते जगत के चतुर चितेरे कूर।।”

-इस दोहे में ‘सबी’ शब्द का अर्थ है: (जून, 2017, III)

(A) चित्र (नायिका के समान) 

(B) काल्पनिक चित्र

(C) आदर्श चित्र

(D) मनोनुकूल चित्र


15. “सीख सिखाई न मानति है, बर ही बस संग सखीन के आवै।

खेलत खेल नए जल में, बिना काम बृथा कत जाम बितावै।

छोड़ि कै साथ सहेलिन को, रहि के कहि कौन सवा दहि पावै।

कौन परी यह बानि, अरी! नित नीर भरी गगरी ढरकावै।।”

-इस सवैया में नायिका की सखी का कौन-सा भाव व्यक्त हुआ है? (नवम्बर, 2017, III)

(A) अनुराग

(B) क्रोध

(C) उपालंभ 

(D) ईर्ष्या


16. “पीर भरो जिय धीर धरै नहिं

कैसे रहे जल जाल के बाँधे?”

-उपर्युक्त काव्य पंक्तियों में स्त्री की किस मन:स्थिति का संकेत किया गया है? (नवम्बर, 2017, III)

(A) दुःखातिरेक 

(B) दुख का कम होना

(C) पीड़ा में आनंद की अनुभूति

(D) पीड़ा से मुक्ति का उपक्रम


17. ‘कि अरे! नव जीवन अभिरामा।

जत देखल तत कहए न पारिअ, छओ अनुपम एक ठामा॥

-उक्त काव्य-पंक्तियों में कवि कहना चाहता है कि वह- (दिसम्बर, 2018, II)

(A) रूप-वर्णन करें में संभ्रम की स्थिति में है

(B) आंशिक रूप से रूप वर्णन करने में समर्थ है

(C) रूप-वर्णन करने में समर्थ है

(D) रूप-वर्णन करने में असमर्थ है 


18. ‘रस गगन गुफा में अजर झरै।

अजपा सुमिरन जाप करै॥’

-उक्त पंक्तियों में प्रयुक्त ‘गगन गुफा’ का अभिप्राय है- (दिसम्बर, 2018, II)

(A) आसमान की स्थित गुफा

(B) अलौकिक गुफा

(C) सहस्रार चक्र 

(B) मूलाधार चक्र


19. ‘हरि अनंत हरि कथा अनंता।

कहहिं सुनहिं बहुविधि सब संता।

-रामकथा के प्रसंग में तुलसीदास ने यह बात किससे कहलवाई है? (दिसम्बर, 2018, II)

(A) शिव 

(B) याज्ञवल्क्य

(C) काग भुसुंडि

(C) तुलसीदास की स्वयं की युक्ति


20. भारत में अंग्रेजों के बढ़ते प्रभाव के प्रति ध्यान आकर्षित करते हुए पदमाकर ने किस राजा के दरबार में यह कवित्त पढ़ा था? (दिसम्बर, 2018, II)

‘मीनागढ़ बंबई सुमंद मंदराज बंग,

बंदर को बंद करि बंदर बसावैगो।

कहै पदमाकर कसकि कासमीर हू को,

पिंजर से घेरि के कलिंजर छुड़ावैगो।

बाँका नृप (---) अलीजा महाराजा कबौं,

साजि दल पकरि फिरंगिन दबाबैगो।

दिल्‍ली दहपट्टि, पटना हू को झपट्ट करि,

कबहूँक लत्ता कलकत्ता को उड़ावौगो।

(A) जगत सिंह

(B) अनूप गिरि

(C) दौलत राव सिंधिया 

(D) रघुनाथ राव


21.इश्क भरा है देख ले और जगत्‌ से दूर

एक अचम्भा हमने देखा देहरी का नासूर।’

-अमीर खुसरो की उपर्युक्त पहेली से क्या अभिप्राय है? (जून, 2019, II)

(A) संन्यासी

(B) कुआँ 

(C) खंडहर

(D) प्रेमी का हृदय


22. ‘दोनों का हठ था दुर्निवार, दोनों ही थे विश्वासहीन’

-‘कामायनी’ की उपर्युक्त पंक्ति से क्या आशय है? (जून, 2019, II)

(A) श्रद्धा और मनु के बीच विश्वास खंडित हो गया था

(B) इड़ा और मनु में हठधर्मिता बढ़ गई थी

(C) देव और दानव, दोनों हठी और विश्वासहीन थे 

(D) आकुलि और किलात मनु से यज्ञ के लिए दुर्निवार हठ कर रहे थे


23. ‘जीवन मुँह चाही को नीको।

दरस परस दिन राति करति है, कान्ह पियारे पी को।

-उपर्युक्त पंक्तियों में आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने किस भाव की अभिव्यक्ति मानी है? (जून, 2019, II)

(A) निर्गुण भक्तिभाव की

(B) सगुण भक्तिभाव की

(C) असूया भाव की 

(D) दैहिक श्रृंगार की


24. निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिए:

बैठे हुए सुखद आतप में मृग रोमंथन करते हैं,

वन के जीव विवर से बाहर हो विश्रब्ध विचरते हैं।

-उपर्युक्त पंक्तियों में किसका वर्णन है? (जून, 2019, II)

(A) साकेत में चित्रकूट का

(B) असाध्यवीणा में वन-प्रान्तर का

(C) रश्मिरथी में परशुराम आश्रम का 

(D) कामायनी में सारस्वत्‌-प्रदेश का


25. ‘मैं कहता हां आँखिन देखी, तू कहता कागद की लेखी।’

-इस काव्य पंक्ति का आशय है? (दिसम्बर, 2019, II)

(A) प्रत्यक्ष ज्ञान और पुस्तकीय ज्ञान एक ही है

(B) प्रत्यक्ष ज्ञान को ही पुस्तकों में लिखा जाता है

(C) प्रत्यक्ष ज्ञान पुस्तकीय ज्ञान से हीन है

(D) स्वानुभव शास्त्रीय ज्ञान से बडा है 


26. ‘जेहि पंखी के निअर होइ, कहै बिरह के बात।

सोई पंखी जाइ जरि तरिवर होहिं निपात॥’

-ऊहात्मकता के अतिरिक्त उक्त पंक्तियों में उक्त भाव की क्या विशेषता है? (दिसम्बर, 2019, II)

(A) इसमें प्रेम की विलक्षणता नहीं है

(B) कवि वेदना के स्वरूप विश्लेषण में नहीं, ताप की मात्रा नापनै में प्रवत्त है

(C) इसमें विरहताप के वेदनात्मक स्वरूप की अत्यन्त विशद्‌, व्यंजना की गई है 

(D) इसमें संत्रास युक्त श्रृंगार के कारण स्वाभाविक प्रेम की व्यंजना नहीं हुई है

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