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NTA UGC NET द्वारा स्थापना और तर्क से संबंधित प्रश्न | UGC NET Hindi Quiz- 73

यूजीसी नेट हिंदी old question paper

दोस्तों यहाँ पर यूजीसी नेट जेआरएफ हिंदी की परीक्षा के प्रश्नों को दिया जा रहा है। हिंदी क्विज का यह 73वां भाग है। यहाँ पर 2014 से लेकर 2015 तक के ugc net हिंदी के प्रश्नपत्रों में स्थापना और तर्क वाले प्रश्नों को एक साथ दिया जा रहा है। ठीक उसी तरह जैसे स्थापना और तर्क से संबंधित क्विज 69 से 72 में दिया गया है।

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UGC NET Hindi Quiz- 73

इन प्रश्नों को हल करने के बाद आप पाएंगे कि nat ugc net hindi में स्थापना और तर्क वाले प्रश्नों से जरूर 10 प्रश्न पूछा जाता है। स्थापना और तर्क वाले प्रश्न ugc में लगातार पूछे जाते हैं, यदि इन प्रश्नों का अभ्यास कर लेंगे तो ज्यादा संभावना है ये प्रश्न गलत न हों और इन्हीं प्रश्नों से मिलता-जुलता प्रश्न पूछ लिया जाए। ugc के अलावा दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं में अभी स्थापना और तर्क वाले प्रश्न पूछे नहीं जा रहे हैं लेकिन वहाँ भी पूछा जा सकता है। इसलिए उन्हें भी इन प्रश्नों का अभ्यास कर लेना चाहिए।

यूजीसी नेट द्वारा 2014 से 2015 तक पूछे गए प्रश्न

निर्देश: प्रश्न संख्या 1 से 40 तक के प्रश्नों में दो कथन दिए गए हैं। इनमें से एक स्थापना (Assertion) A है और दूसरा तर्क (Reason) R है। कोड में दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए।

(दिसम्बर, 2014, III)

1. स्थापना (Assertion) A: मनोविश्लेषणवाद में सबसे अधिक महत्त्व व्यक्ति के मन को दिया जाता है।

तर्क (Reason) R: क्‍योंकि व्यक्ति का मन सामाजिक प्रतिबंधों में कैद होकर जड़ हो जाता है।

कोड:

(A) A सही और R सही

(B) A गलत और R गलत

(C) A सही और R गलत ✅

(D) A गलत और R सही


2. स्थापना (Assertion) A: ईश्वर और मनुष्य के बीच संबंध स्थापित करने का एक माध्यम धर्म है। धर्म साधना व्यक्तिनिष्ठ है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि साध्य और साधक का एकीकरण साधना के माध्यम से हो होता है।

कोड:

(A) A सही और R सही 

(B) A सही और R गलत

(C) A गलत और R सही

(D) A गलत और R गलत


3. स्थापना (Assertion) A: सामाजिक जीवन की स्थिति और पुष्टि के लिए करुणा का प्रसार आवश्यक है।

तर्क (Reason) R: क्‍योंकि करुणा का व्यक्तिगत स्वार्थ से विरोध है। उसके लिए निजी हित छोड़ना पड़ता है।

कोड:

(A) A गलत और R गलत

(B) A गलत और R सही

(C) A सही और R सही 

(D) A सही और R गलत


4. स्थापना (Assertion) A: इतिहास का साहित्य कुछ बड़े-बड़े व्यक्तियों के उत्थान और पतन के लेखे जोखे के नाम नहीं है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि इतिहासमूलक साहित्य मनुष्य के धारावाहिक जीवन के सारभूत रस का प्रवाह है।

कोड:

(A) A सही और R गलत

(B) A गलत और R गलत

(C) A सही और R सही 

(D) A गलत और R सही


5. स्थापना (Assertion) A: जाति भेद और छुआ-छूत की प्रथाओं ने हमारे देश को अनेक स्तरों में बॉट रखा है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि लोकतंत्र के शक्ति-विकेन्द्रीकरण का सबसे सही मार्ग यही है।

कोड:

(A) A सही और R गलत 

(B) A सही और R सही

(C) A गलत और R गलत

(D) A गलत और R सही


6. स्थापना (Assertion) A: काव्य विद्या है और कला उपविद्या। इसलिए चौंसठ कलाओं की सूची में काव्य समाविष्ट नहीं है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि कला कौशल और शिल्प है, जबकि काव्य ज्ञान और जीवन का एक व्यापक सर्जनात्मक विधान है जिसमें सत्‌ और असत्‌ का विवेक रहता है।

कोड:

(A) A सही और R गलत

(B) A गलत और R सही

(C) A सही और R सही 

(D) A गलत और R गलत


7. स्थापना (Assertion) A: नाटक शुद्ध साहित्य है, जिसकी आलोचना काव्यालोचन के स्थापित प्रतिमानों द्वारा की जा सकती है।

तर्क (Reason) R: लेकिन नाटक शुद्ध साहित्य नहीं है। यह केवल नट की क्रिया है।

कोड:

(A) A गलत और R सही

(B) A गलत और R गलत 

(C) A सही और R गलत

(D) A सही और R सही


8. स्थापना (Assertion) A: साहित्य मनुष्य के हृदय को स्वार्थ-संबंधों के संकुचित मंडल से ऊपर उठाकर लोक-सामान्य की भूमि पर ले जाता है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि मनुष्य संबंधों का निर्वाह साहित्य से प्रेरित होकर केवल आत्म-संतोष के लिए करता है।

कोड:

(A) A सही और R गलत 

(B) A गलत और R सही

(C) A सही और R सही

(D) A गलत और R गलत


9. स्थापना (Assertion) A: मनुष्य की रागात्मक प्रवृत्ति उसे सामाजिक बंधनों से मुक्त होने के लिए प्रेरित करती है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि समाज मनुष्य की रागात्मकता को स्वीकार नहीं करता।

कोड:

(A) A सही और R गलत 

(B) A सही और R सही

(C) A गलत और R सही

(D) A गलत और R गलत


10. स्थापना (Assertion) A: साहित्य में व्यक्तिवादी चेतना समाज के बहुमुखी विकास को अवरुद्ध करती है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि व्यक्तिवाद से समाज में अराजकता फैलती है।

कोड:

(A) A गलत और R गलत

(B) A सही और R गलत

(C) A सही और R सही 

(D) A गलत और R सही


(जून, 2015, II)

11. स्थापना (Assertion) A: मनुष्य को कर्म में प्रवृत्त करने वाली मूल प्रवृत्ति भावात्मिका है। केवल तर्कबुद्धि या विवेचना के बल से हम किसी कार्य में प्रवृत्त नहीं होते।

तर्क (Reason) R: क्योंकि जहाँ जटिल बुद्धि-व्यापार के अनंतर किसी कर्म का अनुष्ठान देखा जाता है वहाँ भी तह में कोई भाव या वासना छिपी रहती है।

कोड:

(A) A गलत R गलत

(B) A गलत R सही

(C) A सही R सही 

(D) A सही R गलत


12. स्थापना (Assertion) A: अभिव्यंजनावादियों के अनुसार कवि या कलाकार अपने अंतर की भावना को बाहर प्रकाशित करता है, बाह्य वस्तु को नहीं।

तर्क (Reason) R: क्योंकि अभिव्यंजनावादी अंतर की भावना की जगह बाह्य वस्तु को अधिक महत्व देता है।

कोड:

(A) A सही R गलत 

(B) Aगलत R सही

(C) A सही R सही

(D) A गलत R गलत


13. स्थापना (Assertion) A: मन को अनुरंजित करना, उसे सुख या आनंद पहुँचाना ही कविता का अंतिम लक्ष्य मानना चाहिए।

तर्क (Reason) R: क्योंकि कविता मनोविलास की सामग्री है जिससे सहदय पाठक अपनी कुंठाओं से मुक्त होता है। इसे ही हृदय की मुक्तावस्था कहा गया है।

कोड:

(A) A सही R सही

(B) A गलत R सही

(C) A और R दोनों गलत 

(D) A सही और R गलत


14. स्थापना (Assertion) A: फ्रायड के अनुसार कला और धर्म, दोनों का उद्भव अचेतन मानस की संचित प्रेरणाओं और इच्छाओं में ही होता है। इस कामशक्ति के उन्नयन के फलस्वरूप कलाकार सर्जन करता है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि अवचेतन मानस में कामशक्ति के उन्नयन के फलस्वरूप कलाकार सर्जन करता है।

कोड:

(A) A और R दोनों सही

(B) A सही और R गलत 

(C) A और R दोनों गलत

(D) A गलत और R सही


15. स्थापना (Reason) R: काव्य का जो चरम लक्ष्य सर्वभूत को आत्मभूत कराके अनुभव कराना है, उसके साधन में भी अहंकार का त्याग आवश्यक है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि जब तक इस अहंकार से पीछा न छूटेगा तब तक प्रकृति के सब रूप मनुष्य की अनुभूति के भीतर नहीं आ सकते।

कोड:

(A) A सही और R गलत

(B) A गलत और R सही

(C) A सही और R सही 

(D) A गलत और R गलत


(दिसम्बर, 2015, II)

16. स्थापना (Assertion) A: दो विरोधी मूल्यों के बीच भटकना और उससे उत्पन्न तनाव को झेलना ही आधुनिकता की एकमात्र पहचान है।

तर्क (Reason) R: इसीलिए आधुनिक नाटककार मोहन राकेश के नाटकों में व्यक्ति-स्वातन्त्रय और चयन की आजादी को महत्व मिला।

कोड:

(A) A सही और R सही

(B) A ग़लत और R ग़लत

(C) A ग़लत और R सही 

(D) A सही और R ग़लत


17. स्थापना (Assertion) A: विभावादि के परिवर्तित स्वरूप के अनुसार रस के आस्वादन में विचित्रता नहीं आती।

तर्क (Reason) R: क्योंकि रस स्वयं में विभाव-निरपेक्ष होता है।

कोड:

(A) A ग़लत और R ग़लत 

(B) A सही और R सही

(C) A सही और R ग़लत

(D) A ग़लत और R सही


18. स्थापना (Assertion) A: प्रतिभा के विस्फोट के लिए रसावेश की आवश्यकता है किंतु सारे रसिक कवि नहीं बनते।

तर्क (Reason) R: राजशेखर ने रचनात्मक प्रतिभा को कारयित्री प्रतिभा कहा है जो कुछ ही लोगों में होती है।

कोड:

(A) A सही और R सही 

(B) A सही और R ग़लत

(C) A ग़लत और R ग़लत

(D) A ग़लत और R सही


19. स्थापना (Assertion) A: गुण मुख्य रूप से रस के धर्म हैं पर इन्हें गौण रूप में शब्दार्थ के धर्म भी माना जाता है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि गुण का निर्धारण शब्दार्थ से ही होता है।

कोड:

(A) A सही और R सही

(B) A ग़लत और R ग़लत

(C) A सही और R ग़लत 

(D) A ग़लत और R सही


20. स्थापना (Assertion) A: कामायनी को रूपक काव्य भी कहा जाता है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि इसमें रूपक अलंकार की बहुलता है।

कोड:

(A) A सही और R सही

(B) A सही और R ग़लत 

(C) A ग़लत और R सही

(D) A ग़लत और R ग़लत


(जून, 2015, III)

21. स्थापना (Assertion) A: मनुष्य के लिए कविता इतनी प्रयोजनीय वस्तु है कि संसार की सभ्य-असभ्य सभी जातियों में, किसी न किसी रूप में पायी जाती है।

तर्क (Reason) R: इसीलिए कविता की जरूरत मनुष्य जाति को हमेशा रहेगी।

कोड:

(A) A सही और R सही 

(B) A गलत और R सही

(C) A सही और R गलत

(D) A गलत और R गलत


22. स्थापना (Assertion) A: वैचारिक स्वतन्त्रता साहित्यकार को व्यापक सामाजिक सत्य और संवेदना से विमुख करती है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि विचारबद्धता उसकी संवेदनात्मक अभिव्यक्ति को सर्वस्वीकृति सामाजिक विस्तार देती है।

कोड:

(A) A सही और R सही

(B) A गलत और R सही

(C) A गलत और R गलत 

(D) A सही और R गलत


23. स्थापना (Assertion) A: कवियों ने लोकरक्षा के विधान में करुणा को ही बीज भाव माना है। करुणा से रक्षा का विधान होता है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि कविता में अभिव्यक्त अन्य भाषों में लोकरक्षा का विधान नहीं पाया जाता।

कोड:

(A) A सही और R सही

(B) A सही और R गलत 

(C) A गलत और R सही

(D) A गलत और R गलत


24. स्थापना (Assertion) A: मिथक सार्वकालिक और सार्वदेशिक होते हैं।

तर्क (Reason) R: इसीलिए मिथक के माध्यक से किसी भी समय और समाज के अन्तर्विरोध और संवेदना की अभिव्यक्ति सम्भव है।

कोड:

(A) A सही और R सही

(B) A गलत और R गलत

(C) A सही और R गलत

(D) A गलत और R सही 


25. स्थापना (Assertion) A: नाद सौन्दर्य से कविता की आयु नहीं बढ़ती।

तर्क (Reason) R: क्योंकि नाद सौन्दर्य का योग कविता का पूर्ण स्वरूप खड़ा करने के लिए कुछ-न-कुछ आवश्यक होता है।

कोड:

(A) A गलत और R सही 

(B) A सही और R गलत

(C) A सही और R सही

(D) A गलत और R गलत


26. स्थापना (Assertion) A: मरणासन्न महाकाव्य के गर्भ से उपन्यास का जन्म हुआ है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि उपन्यास का उदय पश्चिम में मध्यवर्ग के उदय के साथ हुआ।

कोड:

(A) A गलत और R गलत

(B) A सही और R गलत

(C) A गलत और R सही

(D) A सही और R सही 


27. स्थापना (Assertion) A: साधारणीकरण की प्रमुख आधारशिला मानव सुलभ समानानुभूति है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि मानव सुलभ समानानुभूति स्वाभाविक मानवीय प्रवृत्ति है, जिसे भारतीय दर्शन का बल भी प्राप्त है।

कोड:

(A) A सही और R गलत

(B) A सही और R सही 

(C) A गलत और R गलत

(D) A गलत और R सही


28. स्थापना (Assertion) A: प्रसाद के नाटकों में रस और द्वद्व का आद्यन्त समन्वय हुआ है।

तर्क (Reason) R: कारण कि यह केवल उन पर पश्चिमी नाट्य चिंतन के प्रभाव से ही संभव हुआ।

कोड:

(A) A सही और R गलत 

(B) A गलत और R सही

(C) A सही और R सही

(D) A गलत और R गलत


29. स्थापना (Assertion) A: आदर्श नागरिक को आत्म विकास करते हुए सारी धरती के सुख में ही अपना सुख मानना चाहिए।

तर्क (Reason) R: क्योंकि प्रत्येक नागरिक के व्यवहार की, उसकी अच्छाई-बुराई की मूल कसौटी समाज-कल्याण की भावना है।

कोड:

(A) A सही और R सही 

(B) A सही और R गलत

(C) A गलत और R सही

(D) A गलत और R गलत


30. स्थापना (Assertion) A: गोदान ग्रामीण जीवन का महाकाव्य है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि गोदान में समग्र युग-जीवन का चित्रण हुआ है।

कोड:

(A) A गलत और R सही

(B) A सही और R सही

(C) A गलत और R गलत

(D) A सही और R गलत 


(दिसम्बर, 2015, III)

31. स्थापना (Assertion) A: काव्येषु नाटकं रम्यम्‌।

तर्क (Reason) R: क्योंकि उसमें काव्य के साथ-साथ सभी ललित कलाओं का समन्वय होता है।

कोड:

(A) A सही और R ग़लत

(B) A ग़लत और R ग़लत

(C) A सही और R सही 

(D) A ग़लत और R सही


32. स्थापना (Assertion) A: काव्यानुभूति का मूल आधार लोकानुभूति ही है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि केवल लोक जीवन का यथार्थ ही उसके ज्ञान और भाव-क्षेत्रों का विस्तार करता है, कल्पना नहीं।

कोड:

(A) A सही और R ग़लत 

(B) A ग़लत और R सही

(C) A ग़लत और R ग़लत

(D) A सही और R सही

 

33. स्थापना (Assertion) A: केवल सुंदरता ही कविता का लक्ष्य और उसका एकमात्र नियम है और सौंदर्य ही अनंतकाल तक कविता में गूँजता है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि सत्य और शिव कविता कामिनी के सौंदर्यवर्द्धन के लिए न तो उतने उपयोगी हैं और न कालजयी।

कोड:

(A) A सही और R ग़लत

(B) A सही और R सही

(C) A ग़लत और R सही

(D) A ग़लत और R ग़लत 


34. स्थापना (Assertion) A: आधुनिक मनुष्य को इतिहास और समय के नियमों-कानूनों का जितना ज्ञान है, उतना पहले किसी युग में प्राप्त नहीं था।

तर्क (Reason) R: क्योंकि मध्यकालीन संस्कृति में धर्म का जो केंद्रीय स्थान था, उसने धीरे-धीरे पीछे हटते हुए अपनी जगह इतिहास को समर्पित कर दी।

कोड:

(A) A सही और R ग़लत

(B) A ग़लत और R सही

(C) A ग़लत और R ग़लत

(D) A सही और R सही 


35. स्थापना (Assertion) A: साहित्य-सर्जना का एक आधार सामूहिक अचेतन को माना गया है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि कविता मूलत: सामूहिक वाचन के लिए ही होती है।

कोड:

(A) A सही और R सही

(B) A सही और R ग़लत 

(C) A ग़लत और R सही

(D) A ग़लत और R ग़लत


36. स्थापना (Assertion) A: आधुनिकता परम्परा का विलोम नहीं है क्योंकि यह प्राचीन और नवीन के द्वन्द्द का परिणाम है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि आधुनिकता ने मानव-ज्ञान को निरन्तरता और नूतनता प्रदान की है, संस्कृति को गतिशीलता दी है।

कोड:

(A) A सही और R ग़लत

(B) A ग़लत और R सही

(C) A सही और R सही 

(D) A ग़लत और R ग़लत


37. स्थापना (Assertion) A: भारतेंदु युगीन गद्य की भाषा तो खड़ी बोली हो गई पर कविता की भाषा ब्रज भाषा ही रही।

तर्क (Reason) R: क्योंकि भारतेंदु युगीन अधिकांश कवि ब्रज क्षेत्र के थे।

कोड:

(A) A सही और R ग़लत 

(B) A ग़लत और R सही

(C) A ग़लत और R ग़लत

(D) A सही और R सही


38. स्थापना (Assertion) A: शब्द को सुनते ही संकेत के बल पर जो अर्थ साक्षात्‌ समझ में आता है, उसे वाच्यार्थ कहते हैं। इस अर्थ को सूचित करनेवाली शब्दवृत्ति अभिधावृत्ति कहलाती है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि भाषा में अर्थ-ग्रहण अभिधावृत्ति से ही होता है।

कोड:

(A) A ग़लत और R सही

(B) A ग़लत और R ग़लत

(C) A सही और R ग़लत 

(D) A सही और R सही


39. स्थापना (Assertion) A: जिस जाति की सामाजिक अवस्था जैसी होती है, उसका साहित्य भी वैसा ही होता है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि जाति साहित्य का निर्णायक तत्त्व है।

कोड:

(A) A सही और R ग़लत 

(B) A ग़लत और R ग़लत

(C) A सही और R सही

(D) A ग़लत और R सही


40. स्थापना (Assertion) A: उत्तर आधुनिकता पूँजीवादी विकास की नई स्थिति और विश्व की नयी अर्थव्यवस्था का परिणाम है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि नवपूँजीवाद की नाना विकृतियों और नाना रूपों से सामाजिक साक्षात्कार ही उत्तर आधुनिकता है।

कोड:

(A) A ग़लत और R ग़लत

(B) A ग़लत और R सही

(C) A सही और R सही 

(D) A सही और R ग़लत

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