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NTA UGC NET द्वारा स्थापना और तर्क से संबंधित प्रश्न | UGC NET Hindi Quiz- 76

यूजीसी नेट हिंदी old question paper

दोस्तों यहाँ पर यूजीसी नेट जेआरएफ हिंदी की परीक्षा के प्रश्नों को दिया जा रहा है। हिंदी क्विज का यह 76वां भाग है। यहाँ पर 2018 से लेकर 2019 तक के ugc net हिंदी के प्रश्नपत्रों में स्थापना और तर्क वाले प्रश्नों को एक साथ दिया जा रहा है। ठीक उसी तरह जैसे स्थापना और तर्क से संबंधित क्विज 69 से 75 में दिया गया है।

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UGC NET Hindi Quiz- 76

इन प्रश्नों को हल करने के बाद आप पाएंगे कि nat ugc net hindi में स्थापना और तर्क वाले प्रश्नों से जरूर 10 प्रश्न पूछा जाता है। स्थापना और तर्क वाले प्रश्न ugc में लगातार पूछे जाते हैं, यदि इन प्रश्नों का अभ्यास कर लेंगे तो ज्यादा संभावना है ये प्रश्न गलत न हों और इन्हीं प्रश्नों से मिलता-जुलता प्रश्न पूछ लिया जाए। ugc के अलावा दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं में अभी स्थापना और तर्क वाले प्रश्न पूछे नहीं जा रहे हैं लेकिन वहाँ भी पूछा जा सकता है। इसलिए उन्हें भी इन प्रश्नों का अभ्यास कर लेना चाहिए।

यूजीसी नेट द्वारा 2018 से 2019 तक पूछे गए प्रश्न

निर्देश: प्रश्न संख्या 01 से 31 तक के प्रश्नों में दो कथन दिए गए हैं। इनमें से एक स्थापना (Assertion) A है और दूसरा तर्क (Reason) R है। कोड में दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए।

दिसम्बर, 2018, II

1. स्थापना (Assertion) A: काव्यश्रवण या नाट्यदर्शन से आविर्भूत रस आनंद का ही पर्याय होता है।

तर्क (Reason) R: क्‍योंकि पश्चिमी शास्त्रों में रस को ब्रह्मानंद का समानार्थी कहा गया है।

कोड:

(A) A सही R ग़लत

(B) A सही R सही

(C) A ग़लत R ग़लत

(D) A ग़लत R सही


2. स्थापना (Assertion) A: रस न तो निर्विकल्पक ज्ञान का विषय है और न सविकल्पक।

तर्क (Reason) R: क्‍योंकि रस की प्रतीति में श्रृंगार, वीर, हास्य, करुण आदि रस विशेष रूप से आभासित होते हैं, इसलिए रस निर्विकल्पक ज्ञान का विषय नहीं है।

कोड:

(A) A सही R सही

(B) A सही R ग़लत

(C) A ग़लत R ग़लत

(D) A ग़लत R सही


3. स्थापना (Assertion) A: काव्य और कला-सृजन संघर्ष का फल है।

तर्क (Reason) R: क्‍योंकि सृजनशील व्यक्तित्व गतिशीलता के साथ अपने समय के अभावों और दबावों से जूझता है।

कोड:

(A) A सही R ग़लत

(B) A ग़लत R सही

(C) A ग़लत R ग़लत

(D) A सही R सही


4. स्थापना (Assertion) A: कला भी ज्ञान का एक प्रकार और सत्य की उपलब्धि की एक साधना है।

तर्क (Reason) R: क्‍योंकि कला-जगत्‌ में भी कलाकार के चित्त में जब वस्तु-सत्य उद्भासित होता है तभी वह श्रेष्ठ कला-रचना में प्रवृत्त होता है। इसलिए हर महान्‌ कलाकृति सत्य में समन्वित होती है।

कोड:

(A) A ग़लत R सही

(B) A सही R सही

(C) A ग़लत R ग़लत

(D) A सही R ग़लत


5. स्थापना (Assertion) A: मिथकशास्त्र मनुष्य की मानसिक संरचना को समझने की एक भ्रामक विद्या है।

तर्क (Reason) R: क्‍योंकि यह एक असत्य कथा, मिथ्या और कोरी कल्पना है।

कोड:

(A) A सही R सही

(B) A गलत R सही

(C) A गलत R गलत

(D) A सही R ग़लत


6. स्थापना (Assertion) A: संचारी भावों के उदय होने से रसावस्था को स्थायित्व प्राप्त होता है।

तर्क (Reason) R: क्‍योंकि विभाव, अनुभाव तथा संचारी भाव स्थायी भावों के सहायक और वर्द्धक होते हैं।

कोड:

(A) A ग़लत R सही

(B) A सही R सही

(C) A ग़लत R ग़लत

(D) A सही R ग़लत


7. स्थापना (Assertion) A: छायावाद रीतिकाव्य की भांति शुद्ध मांसल प्रेम का काव्य है।

तर्क (Reason) R: क्‍योंकि छायावादी कविता में व्यक्तिनिष्ठ वासना की अभिव्यक्ति हुई है।

कोड:

(A) A ग़लत R सही

(B) A ग़लत R ग़लत

(C) A सही R सही

(D) A सही R ग़लत


8. स्थापना (Assertion) A: बिंबविधान और चित्रात्मकता काव्य में महत्त्वपूर्ण उपादान हैं। इनसे कविता में सौंदर्य की वृद्धि होती है, किंतु ये साध्य नहीं है।

तर्क (Reason) R: क्‍योंकि कला की शक्ति का मूल स्रोत मिट्टी और जीवन है। कोर बिंबों का खेल कोरी आतिश-बाजी का काम है।

कोड:

(A) A सही R सही

(B) A सही R गलत

(C) A ग़लत R ग़लत

(D) A ग़लत R सही


9. स्थापना (Assertion) A: वीरता का अनुकरण किया जा सकता है, वैसे ही जैसे मन की प्रसन्नता उधार ली जा सकती है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि वीरता का संबंध शरीर बल से होता है मनोबल

से नहीं।

कोड:

(A) A सही R सही

(B) A सही R ग़लत

(C) A ग़लत R सही

(D) A ग़लत R ग़लत


10. स्थापना (Assertion) A: परम्परा रूढ़ि पालन नहीं, आधुनिकता की पक्षधर है।

तर्क (Reason) R: क्‍योंकि परम्परा में अतीत के प्रति आसक्ति और परिवर्तन का निषेध होता है।

कोड:

(A) A सही R ग़लत

(B) A ग़लत R ग़लत

(C) A सही R सही

(D) A ग़लत R सही


11. स्थापना (Assertion) A: उपभोक्तावादी सभ्यता से असंतोष भाववादी बुद्धिजीवियों के लिए स्वाभाविक है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि उनके अनुसार इस सभ्यता में मानव-मूल्यों में गिरावट आई है।

कोड:

(A) A सही R ग़लत

(B) A गलत R सही

(C) A ग़लत R ग़लत

(D) A सही R सही


12. स्थापना (Assertion) A: सौंदर्यकारक धर्मों को अलंकार कहते हैं।

तर्क (Reason) R: लेकिन इनका कल्पना से कोई संबंध नहीं होता।

कोड:

(A) A सही R ग़लत

(B) A सही R सही

(C) A ग़लत R ग़लत

(D) A ग़लत R सही


13. स्थापना (Assertion) A: क्लासिक नाटक देशकालातीत नहीं होता।

तर्क (Reason) R: क्योंकि क्लासिक नाट्य-रचना एक गतिशील पाठ है।

कोड:

(A) A सही R ग़लत

(B) A गलत R सही

(C) A गलत R गलत

(D) A सही R सही


14. स्थापना (Assertion) A: जयशंकर प्रसाद का ‘चन्द्रगुप्त’ नाटक स्वतंत्रता और गणतंत्र का यूटोपिया है।

तर्क (Reason) R: इसलिए उन पर वर्तमान से पलायन और इतिहास के गड़े मुर्दे उखाड़ने का सही आरोप लगा।

कोड:

(A) A ग़लत R सही

(B) A सही R सही

(C) A सही R ग़लत

(D) A ग़लत R ग़लत


15. स्थापना (Assertion) A: मैथिलीशरण गुप्त भारतीय संस्कृति के आख्याता हैं।

तर्क (Reason) R: इसीलिए उनके काव्यों में आधुनिक दृष्टिबोध नहीं मिलता।

कोड:

(A) A सही R ग़लत

(B) A ग़लत R सही

(C) A सही R सही

(D) A ग़लत R ग़लत


16. स्थापना (Assertion) A: भ्रम, कल्पना और प्रातिभज्ञान के विरुद्ध प्रत्यक्ष और ठोस अनुभव को महत्व देना आधुनिक का प्रमुख लक्षण माना जा सकता है।

तर्क (Reason) R: इस अनुभववादी दृष्टिकोण का प्रभाव काव्य की रचना-प्रक्रिया और रसास्वादन की प्रणाली पर भी पड़ता है।

कोड:

(A) A गलत R सही

(B) A ग़लत R ग़लत

(C) A सही R गलत

(D) A सही R सही


17. स्थापना (Assertion) A: वे शब्द जो आज अमूर्त विचारों के वाहक हैं, आरम्भ में अनुभूत वस्तुओं के व्यंजक थे।

तर्क (Reason) R: इसलिए सादृश्य-विधान भाषा की मूल प्रकृति नहीं है।

कोड:

(A) A सही R ग़लत

(B) A ग़लत R सही

(C) A सही R सही

(D) A ग़लत R ग़लत


18. स्थापना (Assertion) A: प्रगतिवादी कवियों ने अधिकांशतः प्रकृति के उन्हीं रूपों का चित्रण किया है जिनमें उन्हें मनुष्य के सामाजिक जीवन की कोई गहरी अर्धच्छाया दिखाई पड़ी।

तर्क (Reason) R: इसीलिए इसमें सुपरिचित ग्राम्य-प्रकृति के स्थान पर प्रकृति का वन्य और पर्वतीय रूप चित्रित हुआ है।

कोड:

(A) A गलत R सही

(B) A ग़लत R ग़लत

(C) A सही R ग़लत

(D) A सही R सही


19. स्थापना (Assertion) A: कहानी छोटे मुँह बढ़ी बात करती है।

तर्क (Reason) R: लेकिन लघु आकार के कारण कहानी सम्पूर्ण जीवन बोध और सामाजिक सत्य को प्रकाशित नहीं कर सकती।

कोड:

(A) A सही R सही

(B) A गलत R ग़लत

(C) A गलत R सही

(D) A सही R ग़लत


20. स्थापना (Assertion) A: नारीवाद पितृसत्तात्मक समाज में संघर्ष का विमर्श है।

तर्क (Reason) R: इसीलिए हिंदी का सम्पूर्ण स्त्रीलेखन अपने लिए पुरुषों के अस्तित्व को नकारता है।

कोड:

(A) A ग़लत R सही

(B) A ग़लत R ग़लत

(C) A सही R गलत

(D) A सही R सही


जून, 2019, II

21. स्थापना (Assertion) A: कविता केवल वस्तुओं के ही रंग रूप में सौंदर्य की छटा नहीं दिखाती, प्रत्युत्‌ कर्म और मनोवृत्ति के सौंदर्य के भी अत्यन्त मार्मिक दृश्य सामने लाती है।

तर्क (Reason) R: वह विकसित कमल के सौंदर्य का चित्रण तो करती है पर शव नोचते कुत्तों के वीभत्स व्यापार की झलक नहीं दिखाती क्योंकि वीभत्स व्यापार का चित्रण शास्त्रनुमोदित नहीं है।

कोड:

(A) A सही R गलत

(B) A गलत R गलत

(C) A सही R सही

(D) A गलत R सही


22. स्थापना (Assertion) A: उन्नीसवीं शताब्दी का नवजागरण भक्तिकालीन लोकजागरण से भिन्न इस बात में है कि वह उपनिवेशवादी दौर की उपज है।

तर्क (Reason) R: उनकी ऐतिहासिक अन्तर्वस्तु एक समान है|

कोड:

(A) A गलत R गलत

(B) A गलत R सही

(C) A सही (R) सही

(D) A सही R गलत


23. स्थापना (Assertion) A: यूरोपीय साहित्य मीमांसा में कल्पना को बहुत प्रधानता दी गई है।

तर्क (Reason) R: कल्पना काव्य का अनिवार्य साध्य है।

कोड:

(A) A सही R सही

(B) A गलत R सही

(C) A सही R गलत

(D) A गलत R गलत


24. स्थापना (Assertion) A: कविता का अंतिम लक्ष्य जगत्‌ के मार्मिक पक्षों का प्रत्यक्षीकरण करके उनके साथ मनुष्य हृदय का सामंजस्य स्थापन है।

तर्क (Reason) R: केवल मनोरंजन करना कविता का उद्देश्य नहीं है।

कोड:

(A) A गलत R गलत

(B) A सही R गलत

(C) A सही R सही

(D) A गलत R सही


25. स्थापना (Assertion) A: कला का आस्वाद युग-निरपेक्ष नहीं होता।

तर्क (Reason) R: शाश्वतता का गुण कालजयी कलाकृतियों में सहज अन्तर्भूत नहीं होता।

कोड:

(A) A सही R गलत

(B) A गलत R गलत

(C) A गलत R सही

(D) A सही R सही


26. स्थापना (Assertion) A: बिंबवाद में शब्दों की कमखर्ची, भाषा के समासगुण, कम-से-कम शब्दों के प्रयोग से अधिकाधिक अर्थ-व्यंजना को महत्त्व दिया गया है।

तर्क (Reason) R: बिंबवाद के समर्थकों का मानना था कि विषय का सपाट और प्रत्यक्ष निरूपण किया जाना चाहिए।

कोड:

(A) A सही R गलत

(B) A गलत R गलत

(C) A गलत R सही

(D) A सही R सही


दिसम्बर, 2019, II

27. स्थापना (Assertion) A: भारतेंदु युग में मध्यकालीन का और आधुनिकता का द्वंद्व है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि उस समय का भारतीय समाज संक्रमण से गुज़र रहा था।

दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए: 

कोड:

(A) A सही R गलत

(B) A सही R सही

(C) A गलत R गलत

(D) A गलत R सही


28. स्थापना (Assertion) A: काव्य का सर्वस्व अलंकार है।

तर्क (Reason) R: क्‍योंकि केवल अलंकारों से ही कविता कामिनी का आतंरिक और बाह्य सौंदर्य निखरता है।

कोड:

(A) A गलत, R सही

(B) A सही, R सही

(C) A गलत, R गलत

(D) A सही, R गलत


29. स्थापना (Assertion) A: दलित चिंतन और साहित्य में अभिव्यक्त मनुष्य गांधी का हरिजन ही है।

तर्क (Reason) R: क्योंकि दलित साहित्य में मुख्यतः बाबासाहब अंबेडकर के सामाजिक, राजनीतिक चिंतन को अपनाया गया है।

कोड:

(A) A गलत, R सही

(B) A सहीम, R सही

(C) A गलत, R गलत

(D) A सही, R गलत


30. स्थापना (Assertion) A: जैसे विश्व में विश्वात्मा की अभिव्यक्ति होती है, वैसे ही नाटक में रस की।

तर्क (Reason) (R): क्‍योंकि संघर्ष की नाट्य स्थितियों में ही रसास्वादन की प्रक्रिया विकसित होती रहती है।

कोड:

(A) A सही, R सही

(B) A गलत, R सही

(C) A गलत, R गलत

(D) A सही R गलत


31. स्थापना (Assertion) A: आधुनिकता एक अनवरत और अंतहीन प्रक्रिया है।

तर्क (Reason) (R): क्योंकि प्रत्येक परिवर्तन नए संशयों, सिद्धांतों और संभावनाओं को जन्म देता है।

कोड:

(A) A गलत R गलत

(B) A सही R सही

(C) A गलत R सही

(D) A सही R गलत

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